महोबा में चरखारी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सालट में एक कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने पहले प्रसाद के नाम पर बिरयानी खाई। इसके बाद शुद्धीकरण के नाम पर दूसरे समुदाय से पचास हजार रुपये की मांग की। तनातनी बढ़ने पर कोतवाल ने दोनों पक्षों के साथ बैठकर सुलह कराई। तब जाकर मामला शांत हुआ।
31 अगस्त को शेख पीर बाबा के कार्यक्रम में पूड़ी, सब्जी और बिरयानी का लंगर किया गया। एक समुदाय ने बिरयानी खाई और दूसरे समुदाय ने पूड़ी-सब्जी का प्रसाद लिया। एक समुदाय के कुछ लोगों ने मुर्गे की बिरयानी भी खा ली। इस पर गांव के ही कुछ लोगों ने दो दिन बाद धर्म भ्रष्ट होने की बात कहकर पूरे गांव को भोज कराने और गंगा नहाने की बात कही।