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एसबीआई में नए साल से बदल जाएगी ये व्यवस्था, 25 हजार से अधिक के चेक पर पानी की बूंद लगाकर जांच

Sun, 23 Dec 2018 02:44 PM IST
दुष्यंत शर्मा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नए साल से बदल जाएगी व्यवस्था
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ऐसे खाताधारक जिनके पास 2010 के पहले के चेक हैं, वे संबंधित शाखा में जाकर नई चेक बुक जारी करा लें। एक जनवरी 2019 से नॉन सीटीएस (चेक ट्रंकेशन सिस्टम) चेक स्वीकार नहीं करेगा। नई चेक बुक जो मिलेगी, उसके ऊपर ही सीटीएस लिखा होगा। इस संबंध में खाताधारकों को सूचित भी किया जा रहा है।
 
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कानपुर शहर में एसबीआई के 12 लाख से अधिक खाताधारक हैं। बैंक की ओर से 2010 में ही सीटीएस चेक जारी कर दिए गए थे। इस चेक में सुरक्षा से संबंधित कई फीचर हैं। 25 हजार से अधिक का चेक होने पर पानी की बूंद लगाकर इसकी जांच की जाती है।
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इसके अलावा अल्ट्रावायलेट किरणों से चेक को गुजारकर भी सत्यता की जांच हो सकती है। इसके पहले के चेक में इस तरह के फीचर न होने की वजह से भौतिक रूप से सत्यापन कर कैश कर दिए जाते हैं। इस व्यवस्था से फर्जी चेक पकड़ में नहीं आ पाते। इसे खत्म करने के लिए ही सीटीएस चेक लाए गए हैं।

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क्या है सीटीएस
इंटरनेट या दूरसंचार का उपयोग करके एक बैंक शाखा से अन्य बैंकों की शाखाओं में चेक भेजने की प्रक्रिया को चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) कहते हैं। इस प्रक्रिया में चेक मौजूदा ब्रांच में ही रखा रहता हैं।
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मशीनों के माध्यम से चेक का फोटो ऐसी शाखा में भेजा जाता है, जहां ऑनलाइन फाइल बनाई जाती है। इसमें चेक का विवरण होता है। इससे पता चल जाता है चेक किस ब्रांच का है। बाद में वहीं भेज दिया जाता है।
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