हैलट और संबद्ध अस्पतालों में बीमारी के साथ मरीजों को गर्मी से भी ‘जंग’ लड़नी पड़ रही है। वार्ड तप रहे हैं, पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं, बिना पानी के कूलर भी लू के थपेड़ों का एहसास करा रहे हैं। मरीज मजबूरी में बेड पर पड़े हैं तो तीमारदार गलियारों में दिन-रात काट रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच तीमारदारों को पानी के लिए भी भटकना पड़ रहा है। अधिकतर वाटर कूलर गर्म और बदबूदार पानी दे रहे हैं। जच्चा-बच्चा अस्पताल के वाटर कूलर के बगल में कुत्ता सड़ रहा है तो हैलट के 100 नंबर वार्ड में लगा वाटर कूलर गर्म पानी दे रहा है।
जच्चा-बच्चा अस्पताल में भर्ती महिलाओं पर अव्यवस्था भारी पड़ रही है। वार्डों में छोटे-छोटे कूलर लगाए तो गए हैं लेकिन ज्यादातर बंद रहते हैं। जो चल रहे हैं उनमें पानी डालने वाला कोई नहीं। तीमारदार घरों से पंखे लेकर आए हैं लेकिन वार्ड में कूलर न चलने के कारण गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में भी पंखा खराब है। वार्ड के बाहर गलियारे में गंदगी का ढेर लगा हुआ है।
हड्डी रोग विभाग के इस वार्ड में भर्ती ज्यादातर मरीजों की स्थिति काफी गंभीर है। किसी के दोनों पैर कटे हैं तो किसी का हाथ कटा है। वार्ड में बेड नंबर सात के बगल में एक कूलर खिड़की पर लगा हुआ है। वह भी गर्म हवा फेंक रहा है। नर्सों के कमरे में एक कूलर जरूर लगा हुआ है लेकिन यह कभी-कभी ही चलता है।
वार्ड नंबर दो में सर्जरी वाले मरीजों को भर्ती किया जाता है। ज्यादातर पंखे खराब पड़े हैं। जो ठीक हैं वह इतने धीमे चल रहे हैं कि इनसे मरीजों को कोई फायदा नहीं है। यहां कूलर की कोई व्यवस्था ही नहीं की गई है। यही हाल मेडिसिन विभाग के वार्डों का है। इन वार्डों में कूलर तो लगा है लेकिन कोई पानी डालने वाला नहीं है। इस कारण कूलर गर्म हवा फेंक रहे हैं।
हैलट में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। इमरजेंसी में लगा वाटर कूलर
सोमवार रात से ही खराब हो गया है। शिकायत के बाद भी मंगलवार को वाटर कूलर
ठीक नहीं कराया गया। ओपीडी के वाटर कूलर से ठंडा पानी तो क्या, नार्मल पानी
भी नहीं आ रहा है। ओपीडी के दूसरे गेट पर लगे दो वाटर कूलर खराब पड़े हैं।
नीचे गंदा पानी बह रहा है। वार्ड नंबर 100 में दो वाटर कूलर लगे हैं लेकिन
दोनों से ठंडा पानी नहीं आ रहा है। पैथोलॉजी में लगा वाटर कूलर खराब पड़ा
हुआ है।