कानपुर में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के लिए उद्यमियों और प्लांट संचालकों की वर्चुअल मीटिंग हुई। इसमें संयुक्त आयुक्त उद्योग, यूपीसीडा और आईआईटी के प्रोफेसर शामिल हुए।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की ओर से शहर में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के लिए उद्यमियों और प्लांट संचालकों की वर्चुअल मीटिंग हुई। इसमें संयुक्त आयुक्त उद्योग, यूपीसीडा और आईआईटी के प्रोफेसर शामिल हुए। कहा गया कि शहर में मौजूदा समय में ऑक्सीजन की बहुत अधिक कमी नहीं रह गई है लेकिन सिलिंडर की बहुत कमी है।
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प्रदेश में इलाहाबाद में सिलिंडर बनाने का कारखाना था जो सालों से बंद है। अब उसे शुरू करने की कवायद की जा रही है। वहीं इस दौरान आईआईटी के प्रोफेसर अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि उनकी टीम ने एक सस्ता और घरेलू उपयोग का ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के विकल्प का आविष्कार किया है। यदि कुछ उद्यमियों के समूह मिलकर इस उपकरण का निर्माण करें तो 25 से 30 हजार रुपये में शहर और गांवों के हर घर में यह उपलब्ध कराया जा सकता है।
आईआईए के मंडल अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने ऑक्सीजन के अलग- अलग प्रकार के प्लांटों की जानकारी पावर प्वाइंट के माध्यम से दी। बताया कि अस्पतालों में उपयोग के लिए छोटे ऑक्सीजन प्लांट जो 5 से 15 मरीजों को सुचारु रूप से ऑक्सीजन दे सकते हैं। इस तरह के प्लांट 12 से 20 लाख रुपये की लागत में तैयार हो सकते हैं। इस तरह के दो प्लांट शाहजहांपुर में चल रहे हैं।
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और यदि कोई उद्यमी उस प्लांट का निरीक्षण करना चाहे तो उसकी व्यवस्था करवाई जाएगी। संयुक्त आयुक्त उद्योग सर्वेश्वर शुक्ला ने कहा कि प्लांट लगाने के इच्छुक उद्यमी को जिला उद्योग केंद्र में एक आवेदन देना होगा और विभाग द्वारा उनको एक सहमति पत्र जारी कर दिया जाएगा। ऐसे उद्यमियों को किसी भी विभाग की अनुमति या एनओसी का इंतजार नहीं करना होगा। प्लांट लगाने के लिए सरकार की ओर से दी जा रही सहूलियतों की भी जानकारी दी।
उन्होंने छोटे आक्सीजन प्लांट की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए उद्यमियों से कहा। यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक राकेश झा ने उपलब्ध प्लॉट्स और प्लांट लगाने की प्रक्रिया के बारे में बताया। इस दौरान इस मौके पर प्रभारी उपायुक्त उद्योग एसपीयादव, ऑक्सीजन प्लांट निर्माता मोहक श्रीवास्तव तरुण खेत्रपाल, पीसी कुरेले, रामजी सेठ, जय हेमरजानी, दिनेश बरासिया,अशोक अग्रवाल, लाडली प्रसाद गुप्ता, मनीष गुप्ता, नवीन खन्ना, परिमल बाजपेयी, प्रकाश कनोडिया के साथ लगभग 80 थे।
ऑक्सीजन की अब कमी नहीं
मीटिंग में मुरारी गैस के प्रबंध निदेशक अजय मिश्रा ने ऑक्सीजन प्लांट, उत्पादन आदि की जानकारी दी। बताया कि मौजूदा समय में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। बल्कि सिलिंडर की कमी के चलते आपूर्ति नहीं हो पा रही है। प्रदेश में केवल एक सिलिंडर बनाने का कारखाना इलाहाबाद के पास स्थापित है।
सरकार कराए सर्वे, ताकि उद्यमियों का न हो परेशानी
आईआईए के पूर्व अध्यक्ष सुनील वैश्य ने कहा कि दो महीने पहले हमारा देश ऑक्सीजन निर्यात कर रहा था लेकिन इस वैश्विक महामारी की वजह से ऑक्सीजन की खपत बहुत बढ़ गई है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि सामान्य हालात में ऑक्सीजन की खपत का सर्वे करवा ले, ताकि ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाले उद्यमियों को अपनी प्लांट की क्षमता निर्धारित करने में मदद मिले और उनको उद्योग लगाने में आसानी हो। उन्होंने अमिताभ बंदोपाध्याय को आश्वस्त किया कि आईआईए बहुत जल्द कुछ उद्यमियों को लेकर एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाएगा और उनके आविष्कार पर बहुत जल्द काम शुरू होगा।