इटावा। त्योहार पर घर आने के लिए शनिवार रात से शुरू हुई आवाजाही रविवार शाम तक जारी रही। जहां ट्रेनों में लोगों को जगह नहीं मिली सकीं, वहीं शाम के समय लोगों को बसों का इंतजार करना पड़ा। ऐसे में त्योहार पर घर पहुंचाना लोगों के लिए चुनौती बना।
जिले के अधिकांश परिवारों के लोग नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद, कानपुर, आगरा, लखनऊ में रहकर या तो पढ़ रहे हैं या नौकरी कर रहे हैं। धनतेरस शनिवार को होने की वजह से लोग बड़ी संख्या में शनिवार को ही घरों के लिए रवाना हो गए थे। देर रात से बसों और ट्रेनों में भीड़ हो गई थी। रात वाली बसों में लोगों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। वहीं, ट्रेनों के आरक्षित कोच भी अनारक्षित कोचों की तरह भरे रहे। रविवार दोपहर तक तो बसों की संख्या अधिक रहने की वजह से बसों का ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा, लेकिन शाम को यात्रियों को परेशानी हुई।
लगभग आधे से एक घंटे तक फर्रुखाबाद, मैनपुरी, बरेली रूटों की बसों का इंतजार करना पड़ा। बस स्टैंड पर लगभग साढ़े पांच बजे बस का इंतजार कर रहे वीरपाल ने बताया कि वह लखनऊ नौकरी करते हैं। त्योहार पर घर मैनपुरी जा रहे हैं। करीब आधे घंटे से कोई बस नहीं है। उधर, दिल्ली की तरफ जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस करीब छह घंटे देरी से आने से लोग परेशान रहे। समय पर आई ट्रेनों के आरक्षित कोचों में भी पैर रखने की जगह न होने से यात्रियों को अपनी आरक्षित सीट तक भी पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।