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नंबर नहीं, अपनी प्रतिभा से रिजल्ट बनाइए

Sun, 15 May 2016 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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हर रोज योगा सीख रहे जीआईसी के छात्र - फोटो : अमर उजाला
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 यूपी बोर्ड हाईस्कूल-इंटरमीडिएट का रिजल्ट रविवार को दोपहर 12:30 बजे घोषित होगा। किसी को बहुत अच्छे नंबर मिलेंगे तो किसी को कम। कोई फेल भी होगा। छात्र हो या मां-बाप, सभी की चिंता बस इसी में सिमट जाती है कि नंबर कैसे आए, डिवीजन क्या आई आदि लेकिन इस हकीकत से सभी आंखें फेरे हैं कि नंबर और कॅरियर का कोई सीधा संबंध नहीं है।
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हमारे-आपके बीच तमाम ऐसे लोग होंगे जो पढ़ाई में बहुत असाधारण भले न रहे हों, लेकिन वे जीवन में सफल हैं। असफलता केवल एक कॉमा है, फुल स्टॉप नहीं। फिर यह जरूरी भी नहीं है कि सफलता को नंबरों से या संस्थान विशेष में दाखिले से आंका जाए।

ऐसे महान लोगों की कमी नहीं जो बार-बार असफल हुए, लेकिन उन्होंने हर हार से सीख ली। उन्होंने वह मुकाम हासिल किया कि दुनिया आज भी उन्हें याद करती है। साइकोलॉजिस्ट और काउंसलर डॉ. आलोक वाजपेयी कहते हैं कि दुनिया में ऐसे लाखों लोग हैं जो कम नंबर पाने के बाद भी शीर्ष पर हैं। 
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न्यूटन और धीरुभाई अंबानी जैसे लोगों से प्रेरणा लीजिए जिन्होंने परीक्षा में मिले नंबरों को नहीं, बल्कि अपने हुनर से मंजिल चुनी और दुनिया पर छा गए। इसलिए कम नंबर मिलने पर हार मान लेना और ज्यादा नंबर मिलने पर खुद को परफेक्ट समझ लेना बिल्कुल सही नहीं है।

काउंसलर डॉ. संदीप सिंह कहते हैं कि अच्छे नंबर न आएं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। ये नंबर आपके लिए सबक हो सकते हैं कि आपको और ज्यादा मेहनत और एकाग्रता की जरूरत है। कम नंबर पाकर डिप्रेशन में डूबने की बजाय हमेशा याद रखें कि नंबर कभी भी लाइफ की सक्सेस तय नहीं करते हैं। लोगों को नंबर जानने में रुचि नहीं होती, लोग सिर्फ व्यक्ति की सक्सेस स्टोरी जानना चाहते हैं।
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