नरेंद्र मोदी के नाम में ही जादू है तभी तो यूपी में ऐसी आंधी चली कि साइकिल के साथ भारी भरकम हाथी भी उड़ गया...
मोदी की आंधी में उड़ी सपा की साइकिल और बसपा का हाथी
डेमो पिक
2012 में जिले की तीनों सीटों पर परचम फहराने वाली समाजवादी पार्टी(सपा) इस बार सिर्फ एक सीट ही बचा पाई। जहां सपा विकास के मुद्दे पर दंभ भर रही थी तो बसपा जातिगत आंकड़े के जरिये वैतरणी पार करने का सपना संजोए थी। मगर वोटरों पर मोदी का जादू हावी रहा।
याद हो लोकसभा चुनाव में भी मोदी लहर चली थी। इससे सपा का गढ़ इटावा भी अछूता नहीं रह सका था। इसमें इटावा जिले की इटावा व भरथना विधानसभा क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान था।
वर्ष 2017 का चुनाव आया तो सपा ने विकास के मुद्दे पर दंभ भरा, तो बसपा ने जाति का नारा दिया। सपा बसपा भले ही विकास व जाति का नारा उछालते रहे हों मगर जिले के वोटरों पर तो मोदी का जादू सिर चढ़कर बोला।
सपा के गढ़ में भाजपा ने दो सीटों पर फहराया परचम
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यही वजह रही कि जिले की तीन सीटों में भाजपा दो सीटों पर परचम फहराने में सफल रही। जबकि सपा अपनी परंपरागत जसवंतनगर सीट पर भी फतह हासिल कर सकी। उसमें भी मोदी के जादू में बट्टा लगाते हुए जीत का अंतर कम कर दिया।
इस सीट से जीते सपा के कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव 2012 में 82 हजार से अधिक मतों से जीत थे। इस बार उनकी जीत का अंतर सिमट कर 52215 ही रह गया। वो तब जब शिवपाल सिंह यादव को चुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी का दम लगाना पड़ा।