कानपुर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का फायदा व्यापारियों तक पहुंचाने के लिए काम शुरू हो गया है। इसके लिए सभी व्यापारियों का जीएसटी नेटवर्क में रजिस्ट्रेशन होना है। लेकिन यह तभी संभव है जब व्यापारी के पास पैन कार्ड होगा। दरअसल जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर का पहला दस अंक कारोबारियों का पैन नंबर होगा। दिए गए पैन का मिलान नहीं होने पर कारोबारियों को जीएसटी पंजीयन लेने में परेशानी होगी।
यह वाणिज्यकर विभाग में अपडेट होगा। जिन व्यापारियों का वैलिड पैन विभाग में उपलब्ध नहीं है, उन्हें जीएसटीएन उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं होगा। ऐसे व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत होेने से रह जाएंगे। जीएसटी में सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन की जानी हैं।
इसके लिए प्रत्येक व्यापारी को जीएसटी के पोर्टल के लिए एक लॉगिन आईडी व पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। यह उनके ईमेल एड्रेस व रजिस्टर्ड फोन नंबर पर उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे में व्यापारियों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपना अपडेट पैनकार्ड, फोन नंबर, ईमेल एड्रेस विभाग को उपलब्ध करा दें।
फिलहाल शहर में करीब 40 हजार व्यापारियों ऐसे हैं जिन्होंने अपने पैन अपडेट नहीं कराए हैं। इनकी ई-सर्विस बाधित कर दी गई है और मैनुअल रसीद जारी करने पर भी रोक लगा दी गई है।