फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: फर्जी बैंक गारंटी लगाने वाले आईटीआई पर नहीं हुई एफआईआर, ये है पूरा मामला

Thu, 11 Mar 2021 12:40 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय, लखनऊ के आदेश के बावजूद फर्जी गारंटी जमा करने वाले दो निजी आईटीआई संस्थानों पर अभी तक अधिकारी एफआईआर नहीं दर्ज करा सके हैं। इन संस्थानों में बाकायदा कोर्सों का संचालन हो रहा है। ऐसे में यहां पढ़ रहे छात्रों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन


संस्थान में कोर्स की यूनिट बढ़ाने के लिए दहेली सुजानपुर की सरन आईटीआई ने छह लाख और औरैया के सोबरन सिंह आईटीआई ने 15 लाख फर्जी बैंक गारंटी वर्ष 2019 में लगाई थी। निदेशालय की जांच में इसका खुलासा हुआ था। नोडल प्रधानाचार्य को दोनों संस्थानों पर दो महीने पहले एफआईआर कराने के आदेश दिए थे। ऐसे में अगर आने वाले समय में इन संस्थानों की मान्यता खत्म की जाती है तो यहां से जारी प्रमाणपत्र भी संदेह के घेरे में होगा। इसका असर छात्रों पर पड़ेगा। प्रधानाचार्य केएम सिंह ने बताया कि मामले को दिखवाया जा रहा है। 

सांठगांठ की वजह से नहीं हुई कार्रवाई 
एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि निजी संस्थान संचालक और प्रधानाचार्य की सांठगांठ की वजह से अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। अभी तक इन संस्थानों की मान्यता रद्द करने को लेकर दिल्ली स्थित नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग का भी कोई पत्र नहीं आया है। 

फर्जी बैंक गारंटी वाले संस्थानों पर अभी तक एफआईआर न होना लापरवाही है। संबंधित अधिकारी से बात की जाएगी।- राहुल देव, संयुक्त निदेशक कानपुर मंडल (प्रशिक्षण एवं प्रशिक्षु)

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें