11 मार्च को होने वाली मतगणना के लिए सभी प्रत्याशी अपने पोलिंग एजेंटों की सूची 8 मार्च तक दे दें। निर्वाचन आयोग की तरफ से कुथ गाइडलाइन जारी किए गए है। इन्हें फोलो करना अनिवार्य होगा। यदि कोई इनका उल्लघंन करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- ध्यान रखे कि एजेंट आपराधिक छवि का न हो यदि ऐसा है तो वह मत गिनती के दौरान दूरी बनाए रखे। अन्यथा लेने के देने पड़ सकते है।
- न ही कोई ऐसा प्रभावशाली व्यक्ति हो, जिसके साथ गनर चलते हो। अगर ऐसा कोई गिनती के दौरान पाया जाता है उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया जाएगा। इसलिए ऐसे प्रत्याशी अपनी मुसीबत को बुलावा न दें।
-मतगणना सुबह ठीक आठ बजे शुरू होगी। तीन बजे तक परिणाम भी आ जाएंगे।
-हंगामा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के लिए विशेष
-जनपद में चौथे चरण के अंतर्गत 23 फरवरी को मतदान हुआ था।
-इसके बाद से ही ईवीएम को कालपी रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी में रखवा दिया गया था।
-यहीं पर 11 मार्च को वोटों की गिनती का काम भी होना है।
-गुरुवार को हुई बैठक में डीएम ने बताया कि उरई, कालपी और माधौगढ़ तीनों विधानसभा क्षेत्रों की अलग-अलग मतगणना होगी।
-प्रत्येक विधानसभा के लिए 14 टेबल पर ईवीएम रखी जाएंगी और एक टेबल आरओ व एआरओ की होगी।
-सभी टेबल पर बैठने वाले दलों के पोलिंग एजेंटों की सूची हर हाल में 8 मार्च तक मिल जाए।
- सूची से उनके पहचानपत्र तैयार कर प्रत्याशियों और संबंधित अधिकारियों को सौंपे जा सके।
-सभी एजेंट समय पर पहुंचे, क्योंकि एजेंट की देरी पर दोबारा मतगणना का कोई विकल्प नहीं है।
-हर टेबल का अलग पोलिंग एजेंट होगा।
-सभी एजेंटों को पुलिस सत्यापन भी कराएगी।
-इतना ही नहीं एजेंट का शिक्षित होना भी अनिवार्य है।
-टेबल पर किसी भी तरह की शिकायत हो तो एजेंट अथवा प्रत्याशी संबंधित आरओ से करेगा।
-हंगामा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
टेबल तक नहीं जाएंगे मोबाइल, कैमरे
डीएम ने कहा कि प्रत्याशी और एजेंट में से कोई भी टेबल तक मोबाइल व कैमरे नहीं लेकर जा सकेंगे। प्रशासन की ओर से एक मोबाइल जोन बनेगा, जहां पर सारे फोन जमा कराए जाएंगे और वहीं से मोबाइल का इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। गड़बड़ी पर गोली मारने का आदेश एसपी ने बताया कि ईवीएम की जिम्मेदारी सीआईएफएस के सुपुर्द है और मतगणना के वक्त अगर किसी ने भी मशीनों से छेड़खानी की कोशिश की तो परिणाम ठीक नहीं होंगे, क्योंकि सीआईएफएस को गड़बड़ी पर तत्काल गोली मारने का भी आदेश मिला हुआ है।
प्रत्याशियों ने की कैलकुलेटर की मांग मोबाइल प्रतिबंधित होने पर प्रत्याशियों ने कैलकुलेटर ले जाने की मांग की। इस पर डीएम ने पहले तो मना किया लेकिन बाद में विचार कर बताने को कहा। प्रत्याशियों का कहना है कि बिना कैलकुलेटर के वोटों की गिनती करना संभव नहीं होगा। पुलिस सुरक्षा में घर पहुंचेंगे विजेता एसपी के मुताबिक मतगणना के बाद किसी भी तरह का कोई जुलूस नहीं निकाला जाएगा। विजेता प्रत्याशी को सीओ की सुरक्षा में सादगी के साथ उसके घर तक छोड़ा जाएगा।