शस्त्र लाइसेंस के लिए मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण भी कराना होगा। सीएमओ दफ्तर से परीक्षण कराकर प्रमाणपत्र आवेदन के साथ लगाना होगा। हाईकोर्ट के आदेश पर कई साल से असलहा लाइसेंस बनाने पर रोक लगी थी।
रोक हटने के बाद से कलक्ट्रेट से फार्म खरीदकर भरने के बाद जमा करने को भीड़ लगी रहती है। मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण का प्रमाणपत्र लगाए बिना आवेदन करने वालों को लौटाया जा रहा है। दरअसल, लाइसेंसी हथियार से खुदकुशी और मामूली विवादों में हत्या जैसे मामले बढ़ने पर हाईकोर्ट ने मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण का प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया है।
हालांकि आर्म्स एक्ट 2016 में प्रारूप चार पर यह प्रावधान पहले से ही था। इसके बावजूद बिना स्वास्थ्य और मानसिक परीक्षण के असलहा लाइसेंस जारी कर दिए जाते थे। अब इसे अनिवार्य कर दिया गया है। एडीएम सिटी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्टर को यह भी देखना होगा कि असलहा लाइसेंस आवेदक किसी तरह के मादक पदार्थों का आदी तो नहीं है। असलहा दफ्तर को लाइसेंस के आवेदन के साथ मानसिक और स्वास्थ्य परीक्षण का प्रमाणपत्र लेने को कहा गया है।