सवालों से टूटे दोनों के हौसले
पहले ही दिन पुलिस के सवालों से दोनों के हौसले टूटे नजर आए। सूत्रों के अनुसार उन्होंने स्वीकार किया है कि कुछ बाहरी व कुछ स्थानीय लोगों की मदद से ही वह जेल परिसर व अधिकारियों तक पहुंचे। इसके बाद जेल में बंद विधायक अब्बास अंसारी से मनमाने तरीके से मिले।
निखत और नियात पांच दिन की रिमांड पर
गौरतलब है कि लखनऊ की अदालत से रिमांड मिलने पर पुलिस टीम निखत को तीन व नियाज को पांच दिन रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। कई स्थानों पर ले जाकर बरामदगी भी कराएगी। शुक्रवार की सुबह पुलिस टीम जरूरी कागजातों की तैयारी कर चार वाहनों से दोपहर बाद दो बजे जिला जेल पहुंची।
अलग-अलग वाहनों में दोनों को भेजा
लगभग एक घंटे तक की औपचारिकता पूरी कर शाम तीन बजे के बाद निखत बानो व नियाज को अलग-अलग वाहनों से कड़ी सुरक्षा के बीच लेकर वहां से रवाना हुए। दोनों का पुलिस ने शहरी स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद साढ़े चार बजे पुलिस लाइन स्थित गेस्ट हाउस में लाया गया।
चार थानों की लगी रही पुलिस
इस दौरान पुलिस लाइन में चारों ओर अलग अलग चार थाने के पुलिस टीम की सुरक्षा के लिए डयूटी लगाई गई है। इसके लिए 12 स्थान चिह्नित कर आठ आठ घंटे के लिए 24-24 महिला व पुरूष दरोगा व कांस्टेबल की ड्यूटी लगी है।
ईडी करेगी अधिकारियों की संपत्ति की जांच
जिला जेल में नियमों के विरूद्ध विधायक अब्बास को उनके परिजनों से मिलाने को लेकर मोटी रकम व महंगे गिफ्ट बांटने के आरोप पहले ही दिन से लग रहे हैं। हाल ही में जेलर संतोष कुमार व जेल वार्डर जगमोहन की हाल ही में खरीदी गई महंगी कार भी निशाने पर है।
माना जा रहा है कि यह कारें इन्हें गिफ्ट में अब्बास परिवार की ओर से दिलाई गई हैं। कार विधायक अब्बास के गृह जनपद मऊ से खरीदी बताई गई है। इसके अलावा कई अन्य अधिकारियों को भी महंगे गिफ्ट देने के आरोप हैं। ऐसे में संभावना है कि इन सबकी जांच ईडी की टीम जल्द करने आएगी।