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एक और संदिग्ध की तलाश में है एनआईए, निक नेम है मौलाना

Mon, 27 Mar 2017 09:14 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

-आतंकी सैफुल्लाह और आतिफ के बीच की कड़ी है मौलाना 
-जाजमऊ निवासी है, राडार में आए एनजीओ से लिंक सामने आ रहा है
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भोपाल-उज्जैन ट्रेन ब्लास्ट और यूपी को दहलाने की साजिश में एनआईए और एटीएस को मौलाना नाम के संदिग्ध की तलाश ली है। इसकी तलाश में एटीएस ने रविवार को तीन जगह दबिश भी दी, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। बताया जा रहा है कि मौलाना एटीएस की मुठभेड़ में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह और एमपी में पकड़े गए आतिफ का कॉमन फ्रैंड है। जांच एजेंसी को उससे कई अहम क्लू मिलने की उम्मीद है। साथ ही उसके खुरासान माड्यूल में भी शामिल होने का शक भी जताया जा रहा है।
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निक नेम है मौलाना, जाजमऊ में रहता है
एनआईए और एटीएस जिस मौलाना का ढूढ़ रही है। दोनों एजेंसियों को उसका असली नाम नहीं मालूम है। मौलाना उसका निक नेम है। एजेंसियों को अभी इतनी ही लीड मिली है कि वो संदिग्ध आतंकियों के बीच की कड़ी है और जाजमऊ में कहीं रहता है। अब एजेंसियां लोकल मुखबिर समेत अन्य सोर्सेज को उसका ठिकाना पता लगाने की कोशिश कर रही है। रविवार को एटीएस ने उसकी तलाश में केडीए कालोनी, जाजमऊ टिला और सनिगवां में तीन मकानों में दबिश भी दी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।

राडार में आए एनजीओ से भी लिंक है
दोनों एजेंसियां मौलाना का पता लगाने के लिए राडार में एनजीओ के सदस्य और पदाधिकारियों की भी कुंडली खंगाल रही है। इससे मौलाना का एनजीओ से लिंक होने का शक जताया जा रहा है। अफसरों का मानना है कि मौलाना के पकड़े जाने पर संदिग्ध आतंकियों के साथ एनजीओ का भी सच सामने आ जाएगा।
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अब अन्य संदिग्ध भी रिमाण्ड पर लेंगे
एनआईए ने अब भोपाल-उज्जैन ट्रेन ब्लास्ट के बाद शहर और आसपास जिलों से उठाए गए संदिग्ध आतंकियों को भी पूछताछ के लिए रिमाण्ड पर तैयारी की है। इसके लिए एनआईए की ओर से एक से दो दिन में कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकती है। माना जा रहा है कि एनआईए संदिग्ध आतंकी आतिफ और दानिश की तरह उनको भी शहर लाकर सबूतों की तस्दीद करेंगे।
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