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दिल्ली में हुई एनजीटी की बैठक में कानपुर को लेकर हुआ बड़ा फैसला, हर घंटे सीईटीपी की जांच

Sat, 18 May 2019 03:12 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
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गंगाजल को प्रदूषण मुक्त करने के साथ टेनरियों और जल निगम के बीच आए दिन होने वाली तकरार खत्म करने के लिए नेेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार को दिल्ली में हुई बैठक में तय किया गया कि 20 से 24 मई के बीच कानपुर के जाजमऊ में स्थापित सीईटीपी (कामन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) में गिरने वाले प्रदूषित पानी की हर घंटे जांच की जाएगी, यानि पांच दिनों तक हर घंटे। यह देखा जाएगा कि अलग-अलग समय में प्लांट में कितना पानी आ रहा है, और इस पानी में कौन-कौन से प्रदूषित तत्व मिल रहे हैं।

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एनजीटी के इस निर्देश से यह साफ हो जाएगा कि बंद चल रही टेनरियां चल रही हैं या नहीं। यह भी पता चलेगा कि जल निगम अपने नालों और सीवरेज पानी को कहां ले जा रहा है। एनजीटी की बैठक में सलाहकार समिति के चेयरमैन अरुण कुमार टंडन ने कहा कि सीईटीपी की जांच के लिए नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी), सेंट्रल पाल्युशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी), उप्र पाल्युशन कंट्रोल बोर्ड (यूपीसीबी) की टीम यहां आएगी।

 

अभी तक कहा जा रहा है कि रोजना 12 घंटे तक जांच होगी। यदि जरूरत समझी गई तो टीम रात में भी यानि पूरे 24 घंटे जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट 27 मई को एनजीटी में जमा की जाएगी। एनजीटी की इस बैठक में महानगर से नगर निगम के प्रोजेक्ट प्रभारी आरके सिंह, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी आशीष तिवारी सहित कई और अधिकारी दिल्ली पहुुंचे थे।

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