कानपुर। परिवहन निगम के बेड़े में जल्द ही दस एसी बसें और शामिल होंगी। मुख्यालय से इसके लिए हरी झंडी मिल गई है। अगले माह से यह एसी बसें विभिन्न रूटों पर दौड़ने लगेंगी। इन बसों के लिए रूट भी तय कर लिए गए हैं। इनके संचालन से सर्दी के मौसम में यात्री बंद बस में सुकून से सफर कर सकेंगे।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) जनरथ बसों का संचालन कराता है। कानपुर रीजन में कुल 60 जनरथ एसी बसें हैं जो विकासनगर, आजादनगर, फजलगंज व किदवईनगर डिपो से संचालित होती हैं। वर्तमान में विभिन्न रूटों पर 45 बसें ही संचालित हो रही हैं बाकी मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी हैं।
इस वजह से परिवहन निगम ने जनरथ बसों के फेरे भी कम कर दिए हैं। इसे देखते हुए परिवहन निगम ने मुख्यालय को 52 सीटर नई एसी बसें मुहैया कराने के लिए प्रस्ताव भेजा था जिसे मंजूरी मिल गई है। दस में पांच बसें विकासनगर तो पांच किदवईनगर डिपो को आवंटित होंगी।
इन रूटों पर होगा संचालन
अभी एसी जनरथ बसें देवरिया, गोरखपुर, उत्तराखंड के हरिद्वार व काठगोदाम, झांसी, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज रूट पर संचालित हो रही हैं। नई एसी बसें लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज जैसे रूटों पर चलाया जाएगा। बता दें कि विकासनगर स्थित राम मनोहर लोहिया वर्कशॉप में इन बसों की चेचिस आ गई हैं और एक-एक कर इन्हें तैयार कर परिवहन निगम को दिया जा रहा है।
जनरथ के बराबर रहेगा किराया
जनरथ की तरह ही इन नई एसी बसों का भी किराया होगा। बारिश के मौसम में 20 सितंबर तक परिवहन निगम ने जनरथ एसी बसों का किराया दस प्रतिशत कम किया था। इसके बाद यह अवधि बढ़ा दी गई और अभी भी किराया कम है। अगर साधारण बस का किसी रूट पर सौ रुपये किराया है तो जनरथ एसी बसों में 110 रुपये लगता है। इन नई बसों का किराया भी इतना ही लगेगा।
अभी किदवईनगर डिपो को एक नई एसी बस मिल गई है। दो सप्ताह में शेष बची नौ और बसें भी आ जाएंगी जिसके बाद इन्हें रूटों पर चलाया जाएगा। - महेश कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम