पुलवामा में आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कानपुर में रह रहे कश्मीरियों के संबंध में इनपुट जुटाएं हैं। कानपुर में 250 कश्मीरी रह रहे हैं। इनमें से 50 कश्मीरी पहली बार कानपुर आए हैं, जिनकी गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसी की नजर है। एजेंसियां यहां रहकर पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी नजर बनाए है।
प्रत्येक वर्ष ठंड के मौसम में गर्म कपड़ों के कारोबार के सिलसिले में कश्मीरी शहर आते हैं और किराये का मकान लेकर रहते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने उनके ठिकानों पर जाकर छानबीन की। नाम व पते का सत्यापन कराने के लिए उनके आधार कार्ड की छाया प्रति ली। यहां आने का मकसद भी अफसरों ने जाना। इसके अलावा कानपुर के निजी और सरकारी शैक्षिक, टेक्निकल संस्थानों में पढ़ाई के लिए भी छात्र कश्मीर से आते हैं। इनकी संख्या 25 से ज्यादा है।
सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर
पुलवामा में आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली है कि आतंकी कश्मीरी छात्रों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इसका खुलासा देवबंद में दबोचे गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों से भी पूछताछ में हुआ है। कानपुर के एक इंजीनियरिंग छात्र को भी बहकाकर औरंगाबाद ले जाने का मामला सामने आ चुका है। इससे सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर कश्मीरी छात्र आ गए हैं। इन छात्रों पर नजर रखने के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां उनके सोशल मीडिया अकाउंट को भी देख रही है।
कार्रवाई की खुली छूट मिली
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को कश्मीरियों से पूछताछ के लिए खुली छूट दी गई है। एक अफसर के मुताबिक अब तक उनकी एजेंसी को किसी कश्मीरी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। किसी की गतिविधि संदिग्ध होगी तो उसे पकड़ कर पूछताछ और कार्रवाई की जाएगी।