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सपा ने सेंधमारी की चली चाल, भाजपा और कांग्रेस के लिए चुनाव बना साख का सवाल

Tue, 02 Apr 2019 05:49 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा अनुराग मिश्रा, अमर उजाला, कानपुर
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फाइल फोटो
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लोकसभा चुनाव के लिए बिसात बिछ गई है। प्रमुख दलों ने अपने मोहरे भी सामने रख दिए हैं। सपा और बसपा में चुनावी गठबंधन ने मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार बन रहे हैं।
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हालांकि सपा प्रत्याशी के लिए चुनाव क्षेत्र और यहां के लोगों से अपरिचित होना उन्हे दोहरी चुनौती देगा। सपा के दांव से जिले में अबतक मुख्य मुकाबले में नजर आ रही भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के माथे पर बल पड़ गए हैं।

सपा की ओर से पिछड़ा वर्ग की महिला प्रत्याशी उतारने और प्रसपा की ओर से ब्राह्मण प्रत्याशी मैदान में आने से भाजपा और कांग्रेस के लोगों की चिंता बढ़ गई है। गुणाभाग शुरू है कि सपा और प्रसपा के प्रत्याशी किसके हिस्से के वोटरों में सेंधमारी कर कितना नुकसान पहुंचाएंगे।

लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने के साथ ही सभी प्रमुख दल मैदान में उतर चुके हैं। उन्नाव में भाजपा ने कई प्रत्याशियों पर लंबे विचार और मंथन के बाद आखिरकार मौजूदा सांसद साक्षी महाराज को ही दोबारा प्रत्याशी बनाया है।
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जबकि कांग्रेस ने पूर्व सांसद अन्नू टंडन को मैदान में उतारा है। सपा-बसपा के संयुक्त प्रत्याशी के रूप में प्रयागराज की पूर्व विधायक पूजा पाल सामने हैं तो वहीं प्रसपा (प्रगतिशील समाजवादी पार्टी) ने सतीश कुमार शुक्ल को प्रत्याशी बनाया है।

वह बड़े दलों के चुनावी गणित बिगाडऩे की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में चुनावी गणना और गणित को लेकर चर्चा जोरों पर हैं। चुनाव नतीजे किसके पक्ष में होंगे इसपर बहस जारी है।
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