फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसबीआई में 1 जनवरी को जन्मे ग्राहकों की संख्या जानकर हैरत में पड़ जाएंगे

Fri, 21 Dec 2018 01:44 PM IST
शिखा पांडेय अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
डेमो पिक
विज्ञापन
कानपुर में ग्वालटोली शाखा के ऐसे कई खाताधरक हैं, जिनकी जन्मतिथि एक जनवरी है। यह महज इत्तफाक है या कुछ और यह तो जांच का विषय है लेकिन बैंक अधिकारी हैरत में पड़ गए हैं। इसी शाखा में अभी 200 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान हो चुकी है, जिनका जन्म नए साल में हुआ है। हालांकि साल अलग-अलग है। आगे की जांच अभी जारी है। इस बैंक में 19 हजार खाताधारक हैं। 
विज्ञापन


शाखा प्रबंधक परिचालन रोहित कांत मिश्रा ने बताया कि इन खातों में किसी तरह की कोई रोक नहीं लगाई गई है। हालांकि ऐसे सभी खाताधारकों के आधार कार्ड की फोटोकॉपी, पैन कार्ड और पहचान संबंधी अन्य दस्तावेज मांगे गए हैं।

उन्होंने बताया कि ये मामले अभी और बढ़ सकते हैं। इतनी बड़ी संख्या में जन्मतिथि एक जनवरी ही होना संदेह पैदा करती है। आधार कार्ड बनवाने में लापरवाही की बात सामने आ रही है। जांच से सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।
विज्ञापन

 
Trending Videos

डेमो पिक
आधार करेक्शन सेंटरों की लापरवाही 
सूत्रों ने बताया कि जब आधार कार्ड बनना शुरू हुआ था उस दौरान केवल संबंधित व्यक्ति के जन्म का वर्ष ही कार्ड में लिखा होता था। लेकिन बैंकों में नो योर कस्टमर (केवाईसी) में जन्म तिथि की अनिवार्यता होने पर लोगों ने इसमें सुधार करवाया।

इस दौरान आधार कार्ड करेक्शन सेंटर वालों ने लापरवाही करते हुए खुद ही आधार कार्ड पर एक जनवरी की तारीख अंकित कर दी। इन्हीं कार्ड के आधार पर बैंकों में केवाईसी हुई और जन्म तिथि एक जैसी हो गई।  
विज्ञापन

डेमो पिक
केस एक
खलासी लाइन निवासी सुमन वर्मा का एसबीआई ग्वालटोली में खाता है। हाल में इन्होंने बैंक में आधार कार्ड जमा किया है। इसमें इनकी जन्मतिथि एक जनवरी 1974 है। मतलब नए साल वाले दिन इनका जन्म हुआ। 

केस दो
एलनगंज निवासी सुनील वर्मा का भी एसबीआई ग्वालटोली में खाता है। इन्होंने नो योर कस्टमर (केवाईसी) के लिए बैंक में आधार कार्ड जमा किया है। आधार कार्ड के मुताबिक इनका भी जन्म नए साल में हुआ है। जन्मतिथि एक जनवरी 1972 अंकित है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें