- एयरपोर्ट पर तैनात जवान के बेटे को किया जा रहा था गुमराह
- करीब 20 दिन साथ रखा, जवान के धमकाने पर घर छोड़ गए
- फौजी बेटे को लेकर पहुंचा एसएसपी ऑफिस, जांच में जुटी पुलिस
- उठा सवाल कहीं, दहशतगर्द बनाने की कोशिश तो नहीं हो रही थी
पुलवामा आतंकी हमले की सरगर्मियों के बीच कानपुर के एक बीटेक छात्र को गुमराह करने की कोशिश का मामला सामने आया है। कुछ संदिग्ध युवक अमौसी एयरपोर्ट में तैनात सीआईएसएफ के जवान के बेटे को नौकरी दिलाने का झांसा देकर औरंगाबाद (महाराष्ट्र) ले गए।
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वहां खास तरह की ट्रेनिंग देने के साथ उसका ब्रेन वॉश करने की कोशिश की। छात्र के पिता ने उसके देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका जता छात्र को एसएसपी के सामने पेश किया। एसएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।
अमौसी एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) का जवान मूलरूप से मौदहा (हमीरपुर) का रहने वाला है। उसका बेटा महाराजपुर के एक इंजीनियरिंग कालेज से बीटेक कर रहा है। 21 जनवरी को फैजान नाम का युवक उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था।
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सिर्फ एक बार फोन आने के बाद बेटे का कभी फोन नहीं आया। इसपर फौजी कालेज पहुंचा, तो कई दिन पहले एक युवक के साथ जाने की बात पता चली। पिता के धमकाने पर 11 फरवरी को एक युवक छात्र को कानपुर लाया। खुद का नाम उसने विकास बताया।
फौजी ने विकास को पकड़ महाराजपुर पुलिस को सौंप दिया था, लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया। पिता मंगलवार को बेटे को लेकर एसएसपी के यहां पहुंचे जहां उन्होंने बताया कि बेटा एक ही बात रट रहा है, मेरी दुनिया अलग है, उन लोगों की अलग। फैजान उसे प्रयागराज ले गया था। वहां उसे दो दिन रखने के बाद औरंगाबाद ले गया। वहां उसे ट्रेनिंग दी जा रही थी, किस बात की यह नहीं बता सका। साथ ही उसके तलवों में नशे के इंजेक्शन लगाए जाते थे।
कहा जाता था कि कुछ बड़ा करेंगे, पर क्या वह नहीं बता सका। एसएसपी अनंत देव के अनुसार जवान ने फैजान के दहशतगर्दों या नक्सलियों से जुड़े होने का शक जताया है। एसएसपी ने महाराजपुर थानाध्यक्ष को जांच कर रिपोर्ट मांगी है।