वर्तमान में यहां 90 गोवंश हैं। गोशाला से लोगों ने गोवंश को गोद लेकर अपने घर पर चारा खिलाना शुरू किया है। गोद लेने वाले तुलसीराम, कौशल सविता, इकरार अहमद, मालती निषाद और मैकू निषाद आदि ने बताया कि वे लोग दुग्ध उत्पादन और कृषि कार्य करने के लिए गाय-बछड़ों को लिखापढ़ी में गोद ले रहे हैं।