एक नवजात बच्ची का जीने का अधिकार छिन गया, क्योंकि वो एक लड़की थी। बिठूर के मंधना कस्बे के तकिया मोहल्ला में शुक्रवार को सफेद और लाल कपड़े में लिपटा नवजात कन्या का शव एक प्लाट में पड़ा मिला। राहगिरों ने देखा तो हो-हल्ला मच गया लेकिन पुलिस के पचड़े में पड़ने के डर से किसी ने शिकायत नहीं की। यह घटना हमें समाज की सच्चाई से रूबरू कराती है। इसके बाद प्लाट के बगल में रह रही जरीना नामक महिला ने पुलिस को फोन कर बुलाया।
पुलिस ने प्लाट में एक लाल रंग के कपड़ें में लिपटी बच्ची झाड़ियों के ढेर में पड़ी देखी। कपड़े को हटाकर देखा तो नवजात लड़की का शव अंदर एक सफेद कपड़े में लिपटा हुआ था। बच्ची महज एक या दो दिन की रही होगी। अंदेशा है कि बच्ची का गला दबाकर उसे मारा गया है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया है।
राहगीरों से आवश्यक जानकारी जुटाने के कोशिश की तो कोई आगे नहीं आया। फिर मंधना-कुरसौली रोड पर स्थित प्लाट के नजदीक रहने वाली जरीना ने ही पुलिस को बताया कि सुबह कुछ बच्चे रोड से गुजर रहे थे, उन्होंने सबसे पहले बच्ची को देखा और शोर मचाया। कार्यवाही पूरी कर पुलिस पोस्टमार्टम के लिए भ्रूण को अस्पताल लेकर पहुंची। पोस्टमार्टम की रिर्पोट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। जांच की जा रही है।