फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कलेजा चीरने वाली घटना: अस्पताल के डस्टबिन में दम तोड़ गईं नवजात की सांसें, चीखती रही प्रसूता... ना जागा स्टाफ

Fri, 30 May 2025 08:22 AM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर देहात

सार

रात लगभग दो बजे प्रसव पीड़ा बढ़ने पर दो कमरों में सो रहे कर्मचारियों को गर्भवती की सास ने जगाने का प्रयास किया। मगर कोई भी नहीं उठा। इधर, गर्भवती का प्रसव हो गया। प्रसव के तुरंत बाद नवजात बेड के किनारे रखे डस्टबिन में गिर गया।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एक मासूम की पहली सांसें डस्टबिन की गंदगी में दम तोड़ गईं, क्योंकि जिन हाथों में उसे सहारा मिलना चाहिए था, वे हाथ सोए हुए थे। बुधवार रात लगभग तीन बजे मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में नींद में डूबे स्टाफ ने न सिर्फ एक प्रसूता की चीखों को अनसुना किया, बल्कि उसके बच्चे को जीवन और मौत के बीच झूलने के लिए छोड़ दिया। नतीजा? बेड पर प्रसव के बाद नवजात पास में रखे डस्टबिन में गिर गया। इलाज के कुछ घंटों के बाद नवजात ने दुनिया को अलविदा कह दिया।

विज्ञापन

उधर, सीएमएस की तरफ से गठित जांच समिति को डॉक्टर और स्टाफ नर्स ड्यूटी पर नहीं मिले। समिति ने निलंबन की संस्तुति की है। हालांकि, सीएमआे ने दोनों की बर्खास्तगी के लिए शासन को पत्र लिखा है ।

रूरा थाना के प्रेमाधाम कारी-कलवारी निवासी सुनील नायक के मुताबिक, बुधवार देर रात पत्नी सरिता को प्रसव पीड़ा हुई। इस पर वह पत्नी को मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल लेकर आए। रात करीब डेढ़ बजे के बाद पत्नी को स्टाफ ने कुछ दवाइयां देकर वार्ड में भर्ती कर लिया। आरोप है कि कुछ देर के बाद पूरा स्टाफ सोने चला गया। 

रात लगभग दो बजे प्रसव पीड़ा बढ़ने पर दो कमरों में सो रहे कर्मचारियों को उसकी मां ओमवती ने जगाने का प्रयास किया। मगर कोई भी नहीं उठा। इधर, पत्नी का प्रसव हो गया। प्रसव के तुरंत बाद नवजात बेड के किनारे रखे डस्टबिन में गिर गया। मां फिर से स्टाफ के पास पहुंचीं और गिड़गिड़ाते हुए बोली कि नवजात डस्टबिन में गिर गया है। स्टाफ ने बच्चे को एसएनसीयू में भर्ती करवा दिया। सुबह लगभग 10 बजे बच्चे की मौत हो गई।

मामले को छिपाए रहा स्टाफ, दोपहर में थमाया मृत्यु प्रमाणपपत्र 
आरोप है कि स्टाफ मामले को छिपाए रहा। दोपहर दो बजे कर्मचारियों ने उसे मृत्यु प्रमाणपत्र थमाकर शव ले जाने के लिए कहा। इस पर उसने लापरवाही का आरोप लगाते हुए डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी भागमल सिंह ने पूछताछ कर जानकारी जुटाई।
विज्ञापन

जांच समिति की रिपोर्ट: ड्यूटी पर नहीं मिलीं डॉक्टर और नर्स  
तीन सदस्यीय जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में डॉ. रश्मि पाल व स्टॉफ नर्स प्रियंका सचान की लापरवाही पाई है। दोनों ड्यूटी पर नहीं थीं। यह घोर लापरवाही है। जांच समिति ने इनके निलंबन की संस्तुति की है। इस तरह की लापरवाही अक्षम्य है। मेरे स्तर से दोनों के बर्खास्तगी के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। पूरी जांच रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।  -डॉ. सज्जन लाल वर्मा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज कानपुर देहात


यह भी पढ़ें- गर्लफ्रेंड संग होटल में आए युवक की मौत: 40 साल का था खुद, लड़की थी 26 की, कमरे से मिलीं कामोत्तेजक दवाएं
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें