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नवजात का अंगूठा काटने वाली नर्स गिरफ्तार, डॉक्टर पर नहीं हुई कार्रवाई

Thu, 06 Jun 2019 03:01 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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आरोपी महिला नर्स - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के मरियमपुर अस्पताल में 9 दिन के मासूम नवजात के बाएं हाथ का अंगूठा काटने वाली आरोपी नर्स को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। नर्स ने पूछताछ में पूरी घटना कबूली है। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी महिला डॉक्टर पर कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी।

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औरैया के बनारसीदास मोहल्ला निवासी रवि ने 24 मई को अपनी पत्नी सुरभि को मरियमपुर अस्पताल में भर्ती कराया था। 25 मई को उसको बेटा हुआ था। जिसका नाम उसने मोक्ष रखा था। इंफेक्शन होने की वजह से डॉक्टर ने कुछ इंजेक्शन लगने की बात कहकर उसके बांए हाथ के पंजे पर ऊपर वीगो डाला था।

उसके बाद 28 मई को उसकी छुट्टी कर दी थी। सोमवार को जब वीगो निकलवाने दंपति अस्पताल पहुंचे तो नर्स ने बच्चे का अंगूठा काट दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले में सजेती के बीबीपुर निवासी नर्स चित्रा सचान को गिरफ्तार कर लिया गया है। चित्रा ने ही वीगो निकालते समय उसका अंगूठा काट दिया था।
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डॉक्टर पर रहम
वीगो निकलवाने से पहले दंपति ने डॉ मनाली तिवारी को दिखाया था। उन्हीं के निर्देश पर चित्रा वीगो निकालने के लिए मोक्ष को कमरा नंबर 12 में ले गईं थीं और फिर अंगूठा काट दिया था। इसलिए मामले में मनाली तिवारी भी आरोपी हैं। पुलिस ने उनसे बुधवार को पूछताछ की लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की। पुलिस का कहना है कि उनके खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे हैं। मुख्य आरोपी नर्स थी।

पट्टी काटते वक्त कट गया अंगूठा
पुलिस ने चित्रा से पूछताछ की तो उसने बताया कि वीगो के ऊपर पट्टी लगी हुई थी। पट्टी अंगूठे पर भी थी। जब वह वीगो निकालने से पहले पट्टी को कैंची से काट रही थी तो उसी में पट्टी के साथ अंगूठा भी आ गया। जिससे अंगूठा कट गया। जानबूझकर ये नहीं किया है।

पुलिस को अस्पताल में जाने से रोका
पुलिस बुधवार सुबह से नर्स की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी थी, जब पुलिस ने अस्पताल के भीतर जाने की कोशिश की तो उसे रोक दिया गया। अस्पताल प्रशासन का कहना था कि आरोपी नर्स नहीं आई है, जबकि वह भीतर ही थी। शाम करीब चार बजे जब चित्रा बाहर निकली तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पैरवी के लिए कई फोन पहुंचे
अस्पताल प्रशासन ने नेताओं से लेकर कई बड़े अधिकारियों से पैरवी करवाई। उन्होंने नजीराबाद पुलिस से लेकर अन्य पुलिस अधिकारियों को भी फोन किया लेकिन मामला गंभीर होने की वजह से पुलिस ने चित्रा की गिरफ्तारी नहीं टाली। 

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