पानी की किल्लत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अगर हम अभी से सजग नहीं हुए तो आने वाले समय में हम पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस जाएंगे। कानपुर के अहिबरन सिंह को शायद इसका आभास हो गया है। इसलिए उन्होंने एक ऐसी मशीन बनाई है, जो पानी की एक-एक बूंद बचाएगी।
गुजैनी के रहने वाले अहिबरन सिंह वर्मा ने बताया कि सर्विस स्टेशनों पर बिना पानी बर्बाद किए कार और बाइक की धुलाई की जा सकती है। इससे जमीन में पानी का लेवल बढ़ेगा और ग्लोबल वार्मिंग घटेगी। उन्होंने बताया कि इस मशीन का कॉपी राइट कराया जा चुका है।
वाटर रिसाइकलिंग मशीन ‘वोगा सेवर’ कचड़े युक्त (जला डीजल, मिट्टी का तेल) काले पानी को कुछ ही मिनटों में रिफाइंड कर देती है। पानी-तेल को अलग-अलग कर साफ करने के बाद टोटी के जरिए बाहर फेंक देती है। अहिबरन का दावा है कि इस मशीन से 100 फीसद जल प्रदूषण को रोका जा सकेगा। मिट्टी के तेल से मशीनों के गंदे पुर्जे साफ करने के बाद पानी और मिट्टी का तेल अलग किया जा सकता है। इसमें मेंटिनेंस चार्ज बिल्कुल भी नहीं आता। एक साल पुराना गंदा पानी भी यह ऑटोमैटिक मशीन साफ कर देती है। इस मशीन के द्वारा खर्च किया हुआ पानी फिर से वापस आ जाता है। इस मशीन से गंगा प्रदूषण को आसानी से रोका जा सकेगा। इस मशीन का नाम उसके द्वारा होने वाले कामों की वजह से‘वोगा सेवर’ रखा गया है। इससे केवल पानी ही नहीं खर्च हुए तेल को भी बचाया जा सकता है।
W-पानी बचाने के लिए हजारों बार पानी का रिसाइकिलिंग (वाटर सेवर रिसाइकिलिंग आफ वाटर थाउजेंड्स आफ टाइम)
यह मशीन फैक्ट्रियों, घरों और ऑटोमोबाइल के काम की है। छोटी मशीन बेंच वर्क के लिए 60 हजार रुपये और कार, ट्रक, बाइक की धुलाई के लिए लगभग डेढ़ लाख रुपये में तैयार हो जाएगी। छोटी मशीन का साइज 4 बाई 2.5 और ऊंचाई दो फीट रहेगा। बड़ी मशीन के लिए साइज 10 बाई 6 साइज है और ऊंचाई चार फीट है। छोटी मशीन पानी सहित 50 किलोग्राम वजन की है, जिसमें चार सौ लीटर पानी होता है। बड़ी मशीन लगभग दो सौ किलोग्राम की है, जिसमें तीन हजार लीटर पानी आता है। बड़ी मशीन में 2.2 किलोवाट की मोटर लगी है। साथ ही एक मोटर 1.5 एचपी की है जो नीचे से पानी उठाकर सिस्टम में देती है। आधा-आधा हार्स पॉवर की मोटर प्रेशर स्प्रे के लिए लगाई गई है।