कानपुर। आईआईटी कानपुर में सी3आई हब की ओर से क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर अटैक सरफेसेस एंड मिटिगेशन एप्रोचेस विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें देशभर के वरिष्ठ साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, नियामकों और शिक्षाविदों ने महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं पर बढ़ते साइबर खतरों पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने कहा कि साइबर सुरक्षा में एआई का बढ़ता दखल नए खतरे भी बढ़ा रहा है। ऐसे में उससे बचने की नई तकनीक विकसित करना जरूरी है।
कार्यशाला का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने किया। उन्होंने बताया कि साइबर हमलों की जटिलता लगातार बढ़ रही है, जिससे निपटने के लिए सक्रिय, सहयोगात्मक और शोध-आधारित दृष्टिकोण आवश्यक है। हब के कार्यक्रम निदेशक प्रो. सोमित्रा के सनाध्य ने कहा कि इंडस्ट्रियल कंट्रोल सिस्टम सुरक्षा के लिए उन्नत तकनीकों का विकास जरूरी है। रियल-टाइम थ्रेट डिटेक्शन के लिए एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म और जीरो-ट्रस्ट आर्किटेक्चर जैसे उपायों पर जोर दिया गया। कार्यशाला में सोमनाथ कुंडू, पवित्रन जी, डॉ. तथागत दत्ता, प्रो. एमएकेपी सिंह, ऋषभ नायक, वैभव अवस्थी आदि ने भी जानकारी दी।