वाणिज्यकर विभाग में आने वाले नए अधिकारी
व्यापारियों के हितैषी बनें। वे नई पढ़ाई करके आ रहे हैं। नई टेक्नोलॉजी से
वाकिफ हैं। इसलिए उनकी योग्यता का फायदा व्यापारियों को मिलना चाहिए। यह
इस वजह से भी जरूरी है क्योंकि कानपुर औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों
में पीछे होता जा रहा है।
डीएम कौशल राज शर्मा ने शुक्रवार को वाणिज्यकर
विभाग के स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में यह बात कही। वे कार्यक्रम में
बतौर मुख्य अतिथि शामिल थे। डीएम ने कहा कि व्यापार नहीं बढ़ेगा तो
प्रदेश का राजस्व नहीं बढ़ेगा। राजस्व नहीं बढ़ेगा तो प्रदेश में खुशहाली,
समृद्धि नहीं आएगी।
विकास कार्य नहीं होंगे। इसलिए व्यापार और व्यापारी का
बढ़ना हम सभी के लिए हितकर है। व्यापारियों को आगे बढ़ाने के लिए
अधिकारियों को आगे आना होगा। उन्हें वाणिज्यकर विभाग की तमाम तरह की ऑनलाइन
सेवाओं से वाकिफ कराना होगा। टैक्स जमा करने की प्रक्रिया सरल करनी होगी।
दफ्तरों के कम से कम चक्कर लगवाने होंगे। यदि ऐसा करने में हम सफल रहे तो
निश्चित तौर पर हमारे शहर और प्रदेश का व्यापारी खुश रहेगा। नए अधिकारियों
की तकनीकी प्रतिभा और पुराने अधिकारियों का अनुभव व्यापारियों के हित में
इस्तेमाल होना चाहिए।
इस दौरान ज्वाइंट कमिश्नर याहिया अंसारी ने वाणिज्यकर
विभाग का साल दर साल टैक्स वृद्धि का आंकड़ा पेश किया। अधिकारियों के
कामों की प्रशंसा की। कार्यक्रम में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 पीके द्विवेदी,
ग्रेड-2 एके सिंह ज्वाइंट कमिश्नर एके सिंह, राज्यकर्मचारी संय़क्त परिषद
के कार्यकारी अध्यक्ष भूपेश अवस्थी, डीसी आलोक कुमार आदि मौजूद रहे।