इटावा/सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के फिजियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमित कांत सिंह, एम्स हैदराबाद की स्त्री रोग विशेषज्ञ विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नैना कुमार एवं सीसीएमबी हैदराबाद के वैज्ञानिक डॉ. एल कोले के संयुक्त प्रयास से एंटी प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन एंटीबॉडी परखने की विधि का आविष्कार किया गया। इसके लिए भारत सरकार के पेटेंट नियंत्रक की ओर से पेटेंट प्रदान किया गया है।
डॉ. अमित कांत सिंह ने बताया कि (पीएसए) एंटी प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन मुख्य रूप से वीर्य में पाया जाता है, लेकिन रक्त में पीएसए की थोड़ी मात्रा भी मौजूद हो सकती है। पीएसए परीक्षण विधि से वीर्य में ही एंटी प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन एंटीबॉडी का स्तर मापा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस विधि के माध्यम से पुरुषों में इम्यूनो इनफर्टिलिटी की वजह से शुक्राणुओं पर होने वाले नकारात्मक प्रभाव के स्तर का पता चलता है। इससे उनकी प्रजनन क्षमता के स्तर की जानकारी मिल सकेगी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. प्रभात कुमार सिंह ने इस उपलब्धि के लिए डॉ. अमित कांत सिंह व उनके सहयोगियों को शुभकामनाएं दीं। कुलपति ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में समय-समय पर होने वाले अनुसंधान और आविष्कार आने वाले समय में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का आधार बनेंगे। इस तरह के प्रयास चिकित्सा के क्षेत्र में लाभकर सिद्ध होंगे। इस उपलब्धि के लिए प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉ. रमाकांत यादव, डीन प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार, रजिस्ट्रार प्रोफेसर डॉ. चंद्रवीर सिंह और चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. एसपी सिंह, डॉ. नरेश पाल सिंह, प्रोफेसर डॉ. अनामिका सिंह आदि मौजूद रहे।