कोरोना काल में आम आदमी के लिए राहत भरी खबर है। अब शरीर में एंटीबॉडी का पता किट से तुरंत लग जाएगा। अभी एंटीबॉडी की जानकारी के लिए महंगा टेस्ट कराना पड़ता है और परिणाम आने में भी देरी लगती है। डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) के सेक्रेटरी और आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने बताया कि डीएसटी के सहयोग से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बंगलूरू ने एंटीबॉडी किट डेवलप की है।
इस किट को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि किट का निर्माण शुरू हो गया है और महीने भर के भीतर यह मार्केट में भी उपलब्ध होगी। प्रोफेसर शर्मा कहते हैं कि कोरोना से बचने के लिए एंटीबॉडी का मजबूत होना काफी जरूरी है।
आपके शरीर में जितने ज्यादा प्रतिशत में एंटीबॉडी होंगी, उतनी ही तेजी से आप रोगों से लड़ सकेंगे। अभी भी एंटीबॉडी के लिए साढ़े पांच सौ रुपये में टेस्ट होता है। इस टेस्ट की रिपोर्ट आने में कम से कम 24 घंटे का समय लगता है। ऐसे में डीएसटी ने बंगलूरू के इंस्टीट्यूट को किट बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। यह किट कम कीमत में उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि कीमत का खुलासा उन्होंने नहीं किया है।
कोरोना वायरस के डबल म्युटेंट का पता लगाएगी किट
प्रोफेसर शर्मा कहते हैं तिरुवनंतपुरम के श्री चित्र तिरुनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के साथ मिलकर आरटीपीसीआर किट को एडवांस करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। यह किट कोरोना वायरस के डबल म्युटेंट का भी पता लगाएगी। उन्होंने कहा कि अभी तक जो किट मौजूद हैं, उनमें कई बार रिपोर्ट निगेटिव आती है जबकि मरीज में कोविड के सभी लक्षण होते हैं।