संशोधित कानपुर महायोजना-2031 का अनुमोदन
योजना विकसित के लिए 550 बीघा जमीन चिह्नित की गई है। कुछ काश्तकारों ने सहमति भी दी है। बोर्ड ने टीओडी जोन के अंतर्गत आने वाली प्राधिकरण की विकसित योजनाओं और पूर्ववर्ती संस्था कानपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट, कानपुर डेवलपमेंट बोर्ड से विकसित योजनाओं में टीओडी नीति के प्रावधान लागू करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया। संशोधित कानपुर महायोजना-2031 का अनुमोदन किया गया। भवन निर्माण एवं विकास उपविधि में संशोधन करने का प्रस्ताव पर मुहर लगी। इसके तहत अब साढ़े सात मीटर चौड़ी सड़क के किनारे भी पेट्रोल पंप खुल सकेंगे।
होटल एवं मॉल मालिकों के साथ बैठक करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत
अभी तक नौ मीटर चौड़ी सड़क की अनिवार्यता थी। अस्थायी टॉवर नि:शुल्क लगाने के लिए मंजूरी दी गई। सिग्नेचर ग्रींस में नवनिर्मित शॉपिंग मॉल कम ऑफिस और होटल को बेचने के लिए होटल एवं मॉल मालिकों के साथ बैठक करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। बैठक में डीएम जितेंद्र कुमार सिंह, नगर आयुक्त सुधीर कुमार, केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय, विशेष आमंत्रित सदस्य नीरज श्रीवास्तव, कानपुर देहात डीएम के नामित प्रतिनिधि, केस्को, जल निगम, कोषागार, उद्योग आदि विभागों के प्रतिनिधि, बोर्ड के नामित सदस्य शामिल रहे।
टाउनशिप के रूप में विकसित होंगी दोनों आवासीय योजनाएं
केडीए 29 साल से बहुप्रतीक्षित न्यू कानपुर सिटी और उचटी आवासीय योजना को टाउनशिप के रूप में विकसित करेगा। न्यू कानपुर सिटी में 500 से ज्यादा परिवारों का आवास का सपना पूरा होगा। ले-आउट इस तरह तैयार किया गया है कि प्लाट के सामने या उससे 500 मीटर की दूरी में ही पार्क हो। योजना में मॉल, मल्टीप्लेक्स, होटल, नर्सिंगहोम, शैक्षणिक संस्थान, अपार्टमेंट आदि के लिए प्लाट विकसित करने के साथ ही सामुदायिक सुविधाएं भी मिलेंगी। केडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि अप्रैल में इसे लांच करते हुए आगामी वित्तीय वर्ष में विकसित किया जाएगा।
उचटी में जमीन लेंगे, विकसित प्लाट लौटाएंगे
उचटी गांव में लैंड पूलिंग के तहत योजना विकसित करने के लिए 41 प्रतिशत काश्तकारों ने सहमति दी है। योजना के लिए उनसे जितनी जमीन ली जाएगी, उसमें से 25 प्रतिशत जमीन विकसित प्लाट के रूप में लौटाएंगे। प्लाट को वह अपनी मर्जी और रेट पर बेच सकेगा। शेष जमीन पर सड़कों, पार्कों सहित अन्य सार्वजनिक सुविधाओँ के साथ विकसित होने वाले प्लाट केडीए बेचेगा। इसके लिए कंसलटेंट नियुक्त करने पर भी सहमति बनी।
ये भी हुए फैसले
- बिनगवां में आवासीय योजना विकसित नहीं की जाएगी। इसके बदले केडीए अब वहां अपनी 38 हेक्टेयर जमीन पर ग्रीनबेल्ट विकसित करेगा।
- सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड को जैनपुर (कानपुर देहात) की 2.8895 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग में ’कृषि’ से ’वृहद उद्योग’ करना।
- माईकार प्राइवेट लिमिटेड को फैक्ट्री एरिया फजलगंज और ग्राम सचेंडी में वर्कशाप का प्रस्ताव महायोजना जोनिंग रेगुलेशन में विशेष अनुमति देना।
- प्लस नाइन वन कानपुर पार्क को ग्राम सचेंडी में 4.4027 हेक्टेयर कृषि योग्य जमीन का भू-उपयोग औद्योगिक करना।
- केडीए दो जेसीबी खरीदेगा।
इनका होगा पुर्न परीक्षण
-जेके अर्बन स्कैप्स डेवलपर्स लिमिटेड की राजस्व ग्राम जूही खुर्द में 8.7384 हेक्टेयर जमीन का भू-उपयोग औद्योगिक से आवासीय करना।
-भूखंड संख्या-13, योजना-7, गुटैया के नक्शे में भू-उपयोग परिवर्तन कर आवासीय से विशिष्ट शैक्षिक संस्थान करना।