आजाद हिंद फौज में नेता जी सुभाष चंद्र बोस के साथ लेफ्टिनेंट रहीं कानपुर की मानवती आर्या का मानना है कि नेता जी की मौत विमान हादसे में नहीं हुई।
उनका कहना है कि जापान के रेनकोजी मंदिर में अभी जो अस्थियां रखी हैं उनका डीएनए टेस्ट नेता जी के परिवार के सदस्यों के साथ कराया जाना चाहिए ताकि नेता जी के संबंध में आम जनता की दुविधा खत्म हो सके।
उनका मानना है कि फैजाबाद के पास रहने वाले गुमनामी बाबा ही नेता जी सुभाषचंद्र बोस थे। इसके पीछे उनका तर्क है कि फैजाबाद के रामभवन में उनकी घड़ी, सिगार और सिगरेट मिली थीं। नेता जी से जुड़ा संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने बताया कि आजादी की लड़ाई में बनी आजाद हिंद फौज में उस समय झांसी रेजीमेंट में 12-13 लड़कियां थीं।
एक बार वे सभी ट्रक से मोर्चे पर जा रही थीं तो एक जगह उन्हें रोक कर नेता जी से मिलाया गया था। नेता जी ने पूछा था कि लड़कियां खुश तो हैं, उन्हें कोई पछतावा तो नहीं है। इस पर उन्होंने कहा था कि किसी को कोई पछतावा नहीं है। 96 साल की मानवती आर्या का कहना है कि उन्होंने 15 महीने नेता जी के साथ मोर्चे पर बिताए थे।
नेताजी का बलिदान, याद रखेगा हिंदुस्तान
कानपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। श्री चित्रगुप्त पूजन समिति गोविंद नगर ने फूलबाग स्थित एक रेस्टोरेंट में कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिन्हा पप्पू ने बताया कि नेताजी के आह्वान पर लाखों महिलाओं ने देश की आजादी के लिए अपने मंगलसूत्र दे दिए थे।
कहा जाता है कि उस समय देश में 13 ट्रक मंगलसूत्र इकट्ठा हुए थे। उन्होंने बताया कि नेता जी ने कानपुर की कमान कैप्टन लक्ष्मी सहगल को सौंपी थी। समिति के अध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि नेताजी का मानना था कि अंग्रेजों से देश को मुक्ति दिलाने के लिए सेना की जरूरत है।
इसीलिए वह गांव-गांव, शहर-शहर घूमकर युवाओं को आजाद हिंद फौज में शामिल करते रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान विधायक सतीश निगम, नवीन सक्सेना, मयंक श्रीवास्तव, लल्लन श्रीवास्तव, अरविंद श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
नेताजी की प्रतिमा को दूध से नहलाया
सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कांग्रेस ने शहर में स्थापित नेताजी की प्रतिमाओं को दूध और गंगाजल से नहलाया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें महानायक बताते हुए उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। शनिवार की दोपहर मेस्टन रोड पर सभा भी हुई।
पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकर दत्त मिश्र ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस स्वतंत्रता संग्राम के अग्रिम पंक्ति के नेता थे। मरियमपुर चौराहा, लाजपत नगर और शास्त्रीनगर में भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में राजेश अग्रवाल, समी इकबाल, विजय शर्मा, रमाकांत मिश्र, जयशंकर गुप्ता, गंगा प्रसाद, संतोष त्रिपाठी, राजेंद्र सिंह, दीपक धवन, संतोष पांडेय, वीरेंद्र शर्मा और रोहित विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
धूमधाम से मनाई सुभाष चंद्र बोस की जयंती
कानपुर साउथ। साउथ सिटी में भी कई जगह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती धूमधाम से मनाई गई। किदवई नगर में भारत विकास परिषद महाकालेश्वर शाखा के राष्ट्रीय मंत्री प्रमोद दादू और मुख्य अतिथि एमएल अग्रवाल ने इस दिन को देश प्रेम दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया।
इस मौके पर देवेंद्र शंकर शुक्ला, रमेश चंद्र द्विवेदी, जीएस मिश्र मौजूद रहे। नेताजी सुभाष चंद्र जनकल्याण समिति ने टीपी नगर स्थित सुभाष उपवन में नेता जी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर वेद बाबू, जयप्रकाश, अयोध्या प्रसाद, घनश्याम गुप्ता, मोहन लाल गुप्ता मौजूद रहे।
यशोदा नगर में भारतीय क्षेत्रीय विकास समिति की ओर आयोजित संगोष्ठी का शुभारंभ वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शीतला प्रसाद शुक्ला और रिटायर्ड जज लिहार्जुरहमान खान ने नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। रिटायर्ड आईएएस जगदीश सिंह ने 120 जरूरतमंदों को कंबल बांटे। इस मौके पर डॉ. ज्योति शाक्य, शुभम, अरविंद शुक्ला मौजूद रहे।
जयंती पर लिया एकता को मजबूत करने का संकल्प
देश के महान क्रांतिकारी सेनानी नेता जी सुभाष चंद्र बोस की शुक्रवार को शहर में धूमधाम को जयंती मनाई। यहां वक्ताओं ने उनके देश भक्ति व प्रेम पर विचार रखे। सभाओं में नेता जी के दिए गए नारे ‘तुम मुझे खून दो मै तुम्हें आजादी दूंगा’ को दोहराने का साथ राष्ट्र की एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
सपा मजदूर सभा ने नवीन मार्केट स्थित कार्यालय में नगर अध्यक्ष सुरेश गुप्ता ने मिष्ठान वितरण किया। यहां सुरेश निषाद, राजू ठाकुर, मिंटू यादव, कीर्ति अग्निहोत्री, संतोष यादव, अंकित त्रिवेदी, डॉ. रामू वर्मा मौजूद रहे।