बैंक में खुद जाकर काम करवाने से ज्यादा आसान है नेट बैंकिंग। इसमें फ्रॉड और खाते के दुरुपयोग की गुंजाइश बेहद कम है। रिजर्व बैंक की देखरेख में भारत की इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग दुनिया की सबसे सुरक्षित बैंकिंग है। वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सिस्टम लागू होने से फ्रॉड की गुंजाइश 99 फीसदी तक कम हो गई है। किसी के पास यदि आपके एटीएम का पासवर्ड या एकाउंट नंबर है, फिर भी वह मोबाइल या नेटबैंकिंग के जरिये आपके खाते से पैसे इधर उधर नहीं कर सकता।
यह जानकारी एचडीएफसी बैंक के ई-कामर्स मैनेजर पियूष अवस्थी ने चमड़ा कारोबारियों को दी। शहर की 10 हजार करोड़ सालाना टर्नओवर वाली लेदर इंडस्ट्री को 31 मार्च तक कैशलेस करने के लिए गुरुवार को विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने कारोबारियों को डिजिटल पेमेंट के तौर तरीके बताए। कार्यक्रम का आयोजन काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट की ओर से सीएसए परिसर स्थित सभागार में किया गया था।
श्रमिकों को मोबाइल में सिखाना पड़ेगा
एसबीआई के मार्र्केटिंग हेड अजय मेहरोत्रा ने कहा कि कारोबारियों को तो समझाना आसान है लेकिन पूरी इंडस्ट्री तभी कैशलेस हो पाएगी जब श्रमिकों को भी इसमें दक्ष किया जाए। श्रमिक तभी डिजिटल पेमेंट लेगा जब उसे डिजिटल पेमेंट करना आएगा। इसलिए जरूरी है कि श्रमिक को उसके मोबाइल में सिखाया जाए कि ऐप और इंटरनेट बैंकिंग कैसे होती है।
यूपीआई में 90 सेकेंड में ट्रांजेक्शन
पीएनबी के कंचन लोहानी ने बताया कि यूपीआई दुनिया का सबसे तेज ट्रांजेक्शन वाला ऐप है। आरटीजीएस व एनईएफटी में फिर भी 24 से 48 घंटे में ट्रांजेक्शन होता हो लेकिन यूपीआई से महज 90 सेकेंड में ट्रांजेक्शन होता है। पीएनबी ने सुविधा कार्ड भी लांच किया है। यह कारोबारियों के लिए सबसे मुफीद है। यह रखने के लिए बैंक में खाता होना जरूरी नहीं है। कारोबारी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भुगतान के रूप में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।