नायब तहसीलदार ने मौके पर जाकर कब्जा दिलाया
शनिवार को हसनगंज तहसील में जमीन का फैसला हुआ था, जिसमें एसडीएम ने पूर्व प्रधान के पक्ष में आदेश दिया। नायब तहसीलदार ने मौके पर जाकर कब्जा दिलाया था, लेकिन पूर्व प्रधान और उनके परिजन दो दुकानों पर भी कब्जा करना चाह रहे थे। उन दुकानों में पूर्व प्रधान के चचेरे भाई वीरेंद्र सिंह परचून और चोकर की दुकान खोले हुए हैं।
खेत में पेट्रोल डाला और माचिस से आग लगा दी
मंगलवार सुबह करीब सात बजे वीरेंद्र दुकान खोलने गया था। तभी पूर्व प्रधान वीरेंद्र के पुत्र जीतू सिंह अपने चचेरे भाई सूर्यकुमार सिंह के बेटे शिशु और शुभम सिंह के साथ दुकान पहुंचा। इसके बाद उसे विवादित जमीन पर लेकर चले गए। आरोप है कि तीनों ने वीरेंद्र के ऊपर पेट्रोल डाला और माचिस से आग लगा दी।
सिविल अस्पताल लखनऊ रेफर कर दिया
आग लगाने की सूचना से परिजन आक्रोशित हो गए। आनन-फानन झुलसे वीरेंद्र को नवाबगंज सीएचसी लाए। वहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश और सिटी मजिस्ट्रेट अरुणमणि त्रिपाठी ने पंहुच हाल जाना। करीब 55 प्रतिशत जला देख उसे सिविल अस्पताल लखनऊ रेफर कर दिया गया।