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''अफसरों का हुनर, कागज पर बना देते हैं शौचालय...!'', ये 'इज्जत घर' तो है कमाई का जरिया

Mon, 17 Sep 2018 08:50 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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शौचालय में खुल गई दुकान - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में असोहा विकासखंड की ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना का बुरा हाल है। अधिकांश ग्राम पंचायतों में शौचालय तो बन रहे हैं लेकिन निर्माण पूरा नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीण उसे प्रयोग तक कर पा रहे हैं। शौचालय में दुकान खोलकर प्रयोग कर रहे हैं।  वहीं अफसर कागजों पर गांव को ओडीएफ दिखाकर अपनी पीठ ठोंकने में लगे हुए हैं। 
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असोहा ब्लाक क्षेत्र की 67 ग्राम पंचायतों में कहने को तो तेजी के साथ शौचालय निर्माण चल रहा है लेकिन असलियत में शौचालय कितने पूर्ण हो पाए हैं इसकी पोल यह तस्वीरें खोल रही हैं। विकासखंड की ग्राम पंचायत कांथा में इधर बने शौचालयों में न तो छत ढाली गई है और न ही गड्ढे बनाए गए हैं। केवल खानापूर्ति के लिए शौचालयों का ढांचा खड़ा कर दिया गया है। वहीं मिर्री ग्राम पंचायत अधिकांश शौचालय अधूरे पड़े हैं। किसी में दरवाजा नहीं लगा है तो किसी में गड्ढे ही नहीं खोदे गए हैं। इसी कारण ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं।


दो अक्तूबर तक हर हाल में ब्लाक को ओडीएफ किया जाना है। लेकिन वर्तमान समय में ग्राम पंचायतों में निर्माणाधीन शौचालयों की जो स्थिति है उसे देखकर इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी केवल खानापूरी में ही लगे हुए हैं। कागजों पर शौचालय पूर्ण दिखाकर सरकारी धन की निकासी हो रही है। जिलास्तरीय अधिकारी केवल कार्यालय में ही बैठकर निगरानी कर अपने काम की इतिश्री कर रहे हैं। इसका फायदा ग्रामस्तरीय अधिकारी व प्रधान उठा रहे हैं। 
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एक व्यक्ति के लिए शौचालय कमाई की जरिया बन गया

अधूरा शौचालय - फोटो : अमर उजाला
विकासखंड की ही ग्राम पंचायत पिपरी के मजरे स्वामीखेड़ा में तो एक व्यक्ति के लिए शौचालय कमाई की जरिया बन गया है। ग्रामीण शौच तो खुले में जा रहा है लेकिन शौचालय में दुकान खोल ली है। इस दुकान के जरिये वह अपने परिवार का पेट पाल रहा है। बताया जाता है कि तीन माह पहले शौचालय का निर्माण हुआ था। इधर, लाभार्थी ने एक माह से उसमें दुकान खोलकर सामान बेचना शुरू कर दिया है। गांव में बहुत कम शौचालय पूरे बने हैं। जो कुछ पूरे हुए थे बाद में उनकी भी ईंट खोद ली गईं।


शौचालय में दुकान खोलने पर प्रधान, सचिव से मांगा जाएगा जवाब
अभी तक मामला संज्ञान में नहीं था। अब जानकारी में आया है। शौचालय का प्रयोग न करके उसमें दुकान खोलने के मामले की जांच कराई जाएगी। इस मामले में प्रधान और सचिव से भी जवाब-तलब किया जाएगा कि आखिर लाभार्थी ने किस तरह से उसमें दुकान खोल ली। इसके अलावा अधूरे पड़े शौचालयों की जांच एक टीम गठित करके कराई जाएगी।
प्रेमरंजन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी उन्नाव।
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