कानपुर। धोखाधड़ी के दो मुकदमों में आरोपी नेगी इंक्लेव के मालिक कल्याणपुर के केशवपुरम निवासी गजेंद्र सिंह नेगी को अपर जिला जज सप्तम आजाद सिंह की कोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि, कई अन्य मुकदमों में जमानत न होने से वह अभी जेल में ही रहेगा।
रावतपुर थाने में बार एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारी रहे आशीष दीवान और उनके भाई शिरीष दीवान ने गजेंद्र के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए थे। आशीष का आरोप है कि गजेंद्र ने नेगी इंक्लेव में दो ऑफिस के नाम पर 19 लाख रुपये में सौदा किया था। छह लाख रुपये चेक से ले लिए थे। रजिस्ट्री के समय बकाया रकम देनी थी लेकिन नेगी टाल-मटोल करता रहा। वर्ष 2025 में रजिस्ट्री करने से इन्कार कर दिया।
वहीं, शिरीष का आरोप है कि एक दुकान के नाम पर 22 लाख रुपये में सौदा किया था। इसमें से सात लाख रुपये चेक से ले लिए थे। रजिस्ट्री के समय बकाया रकम देनी थी लेकिन टालमटोल करने लगा। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अभियोजन ने गजेंद्र का 15 मुकदमों का आपराधिक इतिहास भी पेश किया। वहीं गजेंद्र के अधिवक्ता की ओर से तर्क रखा गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत का आधार पर्याप्त मानते हुए जमानत स्वीकार कर ली।