गोशाला सोसाइटी में निरीक्षण करते केंद्रीय कृषि मंत्रालय के वैज्ञानिक डा. आर्जव शर्मा, डा विनीत भसीन, डा पीके सिंह और साथ में सोसाइटी के महामंत्री पुरुषोत्तम तोषनीवाल।
- फोटो : amarujala
सब कुछ ठीक रहा तो कानपुर गोशाला सोसाइटी, भौंती देश की अन्य गोशालाओं के लिए नजीर बनेगी। शनिवार को मॉडल गोशाला की संभावनाएं तलाशने आई केंद्रीय कृषि मंत्रालय के वैज्ञानिकों की तीन सदस्यीय टीम ने गोशाला का निरीक्षण किया।
उत्पादों से प्रभावित टीम ने इन्हें मेक इन इंडिया का उदाहरण बताया और तकनीक पेटेंट कराने की सलाह दी। टीम केंद्र सरकार को निरीक्षण की रिपोर्ट सौंपेगी। गोशाला को गोमूत्र, गोबर आदि से निर्मित उत्पादों का रिसर्च हब बनाने का भी प्रस्ताव है।
एनबीएडीआर, करनाल के निदेशक डा. आर्जव शर्मा की अध्यक्षता में प्रधान वैज्ञानिक डा. विनीत भसीन और डा. पीके सिंह की टीम गोशाला आई। सोसाइटी के महामंत्री पुरुषोत्तम तोषनीवाल ने वैज्ञानिकों को गोशाला के उत्पादों की जानकारी दी।
टीम ने उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया देखी और इन्हें खरीदा भी। डा. शर्मा ने बताया कि देश में 41 हजार गोशाला पंजीकृत हैं। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की पहल पर देश भर में गोशालाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। चयनित गोशालाएं मॉडल के रूप में विकसित होंगी।
केंद्र सरकार की मदद से मॉडल गोशाला को कुटीर उद्योग के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि लोग डेयरी उत्पादों से इतर अन्य उत्पादों के लिए भी पशुपालन करें। इनके उत्पादों का प्रचार-प्रसार भी होगा। अगली विजिट नागपुर की गोशाला की है। निरीक्षण के दौरान सुरेश गुप्ता, धर्मप्रकाश गुप्ता, विशाल अग्रवाल, बब्बूजी, नंदकिशोर मिश्रा, बिंदा प्रसाद त्रिपाठी, राधेश्याम बेरीवाल आदि रहे।