शहीद जवान की फाइल फोटो
शहीद पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर था। पिता जी सुरेश कुमार बीस वर्ष पहले कहीं चले गए थे। तब से आज तक लापता हैं। दो बड़े भाइयों की शादी हो चुकी है। शहीद अरविंद की शादी तय थी। और उनको एक फरवरी को घर आना था। तभी घर पर जागरण का भी प्रोग्राम होना था। ऐसा शहीद के भाइयों ने बताया। माता वेलपती पर मानो दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा है। पहले पति के लापता होने का गम तो वहीं अब जवान पुत्र के शहीद हो जाने के बाद टूट कर रह गई है।