किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अलका यादव ने सशर्त जमानत दे दी है। अभी हाल मे ही हुए बार एसोसिएशन चुनाव में नवाब सिंह यादव को निर्विरोध कनिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया है। शनिवार को मतदान के दिन जमानत मिलने से उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है।
सदर कोतवाली के गांव अड़ंगापुर निवासी पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव के खिलाफ 12 अगस्त को किशोरी से दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज किया गया था। नवाब सिंह यादव व उनके भाई नीलू यादव तथा पीड़िता की बुआ को जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने दोनों भाइयों सहित तीन के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया। नवाब व उनके परिजनों की 17 करोड़ की संपित्त 21 दिसंबर को डीएम के आदेश पर कुर्क कर ली गई। जेल में रहते हुए नवाब सिंह यादव ने बार एसोसिएशन चुनाव में कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया। वह निर्विरोध कनिष्ठ उपाध्यक्ष चुन लिए गए। नवाब सिंह यादव की ओर से पॉक्सो एक्ट न्यायाधीश अलका यादव के यहां जमानत का दूसरा प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। बचाव पक्ष के वकीलाें ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल नवाब सिंह यादव को राजनैतिक साजिश के तहत फंसाया गया। शासकीय अधिवक्ता ने इसका विरोध में कई दलीलें दीं। न्यायाधीश ने बहस के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था। शनिवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अलका यादव ने नवाब सिंह की सशर्त जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने दो लाख के बंधपत्र (बांड) व दो लाख के प्रतिभूति पत्र दाखिल करने के आदेश दिए हैं।