लोग मानसिक बीमारियों को गंभीरता से नहीं लेते। तभी ये आगे चलकर बड़ा रूप ले लेती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों की मानें तो दुनिया में 45 करोड़ लोग मानसिक बीमारी या तंत्रिका संबंधी समस्याओं से ग्रस्त हैं।
उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के मानसिक स्वास्थ्य विभाग में ‘रेजिंग मेंटल हेल्थ अवेयरनेस एजुकेट योर सेल्फ एंड अदर्स’ सब्जेक्ट पर नेशनल वर्कशॉप हुई। वर्कशॉप में यह जानकारी कुलपति डा. ब्रिगे.टी.प्रभाकर ने दी। उन्होंने कहा कि नियमित व्यायाम, सकारात्मक सोच, भरपूर नींद से मानसिक बीमारियों से बचा जा सकता है।
लोगों को जागरूक करने की जरूरत
कार्यशाला में सम्मानित करते कुलपति ब्रिगे. टी प्रभाकर
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चिकित्साधीक्षक डा. ब्रिगे. एसके गुप्ता ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति को अकेले ना छोड़ें। कालेज ऑफ नर्सिंग की संकाय अध्यक्ष बिजी बिजू ने कहा कि अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए व्यक्ति का पारिवारिक माहौल खुशनुमा होना जरूरी है। तनाव, अनिद्रा से बचना चाहिए।
नर्सिंग अधीक्षक लवली जेम्स ने कहा कि सही काउंसलिंग से मानसिक स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है। कार्यशाला में मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र तथा हिमाचल प्रदेश से 430 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला को विभाग के फैकेल्टी मेंबर संदीप शांडिल्य, जितेंद्र सिंह परमार, नीलम शाह, जयपाल सिंह, नेहा कौशल तथा संजीव धीर ने भी संबोधित किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी अनिल कुमार पांडेय और स्टाफ मौजूद रहा।