छिबरामऊ। सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा माह के अंतर्गत राजस्व रिकार्ड में दर्ज नेशनल हाईवे की जमीन को खाली कराया जा रहा है, जिसमें ग्राम अकबरपुर के छह सौ परिवार प्रभावित हो रहे हैं। कार्यदायी संस्था के लोगों ने ग्रामीणों को समझाकर जमीन खाली करने को कहा।
रविवार को कार्यदायी संस्था बीआर इंफ्रा के कर्मचारियों ने ग्राम अकबरपुर पहुंचकर नेशनल हाईवे चौड़ीकरण की जद में आ रही जमीन के मालिकों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि जो ग्रामीण स्वेच्छा से जमीन खाली कर देंगे, उन्हें अनुकंपा के आधार पर कुछ मिल जाएगा।
इस दौरान उन्होंने ग्रामीण बैंक के पास सड़क के बीच से 55 फुट की पैमाइश कर ग्रामीणों को संदेश दिया कि इतनी जगह जाएगी। वार्ता के दौरान महेश दीक्षित, अरुण तिवारी, अरविंद तिवारी, गीतेश अग्निहोत्री आदि कई ग्रामीण मौजूद रहे।
बेघर हो रहे परिवार एसडीएम से मिलें
ग्राम अकबरपुर में सड़क के बीच से 55 फुट के सीमांकन के बाद सात परिवार ऐसे हैं जो बेघर हो रहे हैं। बेघर हो रहे हरिओम चौरसिया, राकेश चौरसिया, किशनलाल चौरसिया, राजीव चौरसिया, मुल्लान मिश्रा, मुश्ताक अली तथा राजेश किशोर मिश्रा ने कार्यदायी संस्था को अपनी समस्या बताई तो उन लोगों ने एसडीएम के पास जाने की सलाह दी। संस्था के लोगों ने ग्रामीणों को बताया कि वे एसडीएम से आवासीय पट्टे की मांग करें। इसी तरह से हरिओम बाबा से कहा कि उनका मंदिर पैमाइश में जाएगा। उनको कंपनी नया मंदिर बनाकर देगी। कर्मचारियों ने उनसे जगह तलाश करने को कहा।
हाईवे चौड़ीकरण में चकबंदी प्रक्रिया बनेगी बाधक
चकबंदी प्रक्रिया की धीमी गति नेशनल हाईवे चौड़ीकरण में बाधक बनेगी। सिकंदरपुर से छिबरामऊ तक दो गांव विशुनपुर हासिलपुर तथा करमुल्लापुर चकबंदी क्षेत्र में होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। साढे़ तीन किलोमीटर में बनने वाले सिकंदरपुर बाईपास में चार सौ मीटर भूमि करमुल्लापुर में स्थित है तथा विशुनपुर हासिलपुर में आठ सौ मीटर काम होना है। दोनों ही गांव चकबंदी से प्रभावित होने के कारण कार्य नहीं हो पा रहा है। जबकि, राजस्व रिकार्ड वाले गांवों में 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।