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राष्ट्रीय बालिका दिवस 2021: विदेश में बेटियां कर रहीं कानपुर का नाम रोशन

Sun, 24 Jan 2021 01:09 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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राष्ट्रीय बालिका दिवस 2021 - फोटो : अमर उजाला
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हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने वर्ष 2008 में इसकी शुरुआत की थी। आइए, आपको मिलवाते हैं कुछ ऐसी बेटियों से जो जिले, राज्य और देश स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय फलक पर शहर का नाम रोशन कर रही हैं।
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नौ वर्ष की उम्र में लिख दिया काव्य संग्रह 
कक्षा आठ में पढ़ने वाली सुहानी यादव सबसे कम उम्र की लेखिका हैं जिनकी पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है। इनका पहला काव्य संग्रह चुनमुन नौ वर्ष की आयु में आया था जिसका विमोचन यूपी के तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक ने राजभवन में किया था।

इस संग्रह के लिए सुहानी को फिक्की फ्लो का यंगेस्ट अचीवर राष्ट्रीय सम्मान तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से दिया गया था। अब तक सुहानी की तीन किताबें आ चुकी हैं तथा विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में डेढ़ सौ से ज्यादा कविताएं व लेख प्रकाशित हो चुके हैं।
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हिंदी लेखन के लिए सुहानी को दसवें विश्व हिंदी सम्मेलन तथा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के बाल साहित्य व नई शिक्षा नीति के सेमिनार में पैनलिस्ट के तौर पर शामिल होने का भी मौका मिला था। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, भारतीय भाषा मंच सहित कई सामाजिक संस्थाओं व बाल संरक्षण संस्थाओं से वह ढेरों पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं।

सुहानी पद्मभूषण गोपालदास नीरज, शायर मुनव्वर राना, कुंवर बेचैन, प्रमोद तिवारी समेत तमाम हस्तियों के साथ मंच भी साझा कर चुकी हैं। पिछले वर्ष उन्हें भोपाल बाल साहित्य सम्मान के लिए भी नामित किया गया था।

अंतरराष्ट्रीय फ्रेंच स्पेल बी प्रतियोगिता में बनीं जोनल विजेता 
स्वरूप नगर निवासी मिहीका सक्सेरिया अंतरराष्ट्रीय मंच पर शहर का नाम रोशन कर रही हैं। हाल ही में मिहीका ने अंतरराष्ट्रीय फ्रेंच स्पेल बी प्रतियोगिता (फ्रेंच भाषा के शब्दों को सही से बोलना) में शहर का प्रतिनिधित्व किया था।

इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बच्चों ने भाग लिया था। दिल्ली में हुई इस प्रतियोगिता में मिहीका जोनल विजेता बनी थी और उनको गोल्ड मेडल और सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया था।

मिहीका का सपना सीए बनना है जिसकी तैयारी वे अभी से कर रही हैं। 11वीं में दिल्ली पब्लिक स्कूल कल्याणपुर में पढ़ने वाली मिहीका का कहना है कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शहर का प्रतिनिधित्व किया।
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युवाओं के लिए प्रेरणा हैं मुदिता मिश्रा
देश का सर्वश्रेष्ठ भाषण देकर नेशनल यूथ पार्लियामेंट की विजेता बनीं मुदिता मिश्रा युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। पीपीएन डिग्री कॉलेज की छात्रा ने हिंदी में भाषण देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी प्रभावित किया था। 20 अंग्रेजी भाषी प्रतिभागियों को उनके ओजस्वी भाषण ने पछाड़ दिया था।

मुदिता को भाषण की तैयारी के लिए महज 24 घंटे का समय मिला था पर उन्होंने बिना डरे आत्मविश्वास के साथ भाषण दिया और सबको अपना मुरीद बना लिया। मुदिता का कहना है कि उन्होंने कभी अपने भाषण को लिखा नहीं, बस प्वाइंट्स बनाकर याद किया। भाषण जितना स्वाभाविक रहेगा, उतना ही बेहतर प्रदर्शन होगा।  

पदकों से समृद्ध समृद्धि
डिस्ट्रिक्ट स्तर पर पांच साल से गोल्ड मेडलिस्ट, ओपन स्टेट में दो साल से गोल्ड मेडलिस्ट, नेशनल लेवल पर ब्रॉन्ज मेडल विजेता, ऑल इंडिया इंटर डिस्ट्रिक्ट एथलेटिक्स मीट में ब्रॉन्ज मेडल। जैसे कई पदक अपने नाम कर चुकी हैं। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली समृद्धि कटिहार स्कूल लेवल पर भी वह कई पदक जीत चुकी हैं।

यह सभी पदक उन्होंने हाई जंप में जीते हैं। उनका सपना एथलेटिक्स में भाग लेना है और अपने देश का प्रतिनिधित्व करना है। समृद्धि कहती हैं कि उन्हें बचपन से ही एथलेटिक्स में भाग लेना अच्छा लगता रहा है और यही वजह है कि लगातार मेहनत और लगन से उन्होंने इतने मेडल अब तक जीते हैं।
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