फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: आईआईटी कानपुर में बनेगा नेशनल ड्रोन हब, सर्टिफिकेशन की दिक्कत होगी दूर…तैयार किया जा रहा है मॉड्यूल

Tue, 25 Feb 2025 09:53 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: नेशनल हब बनने से सर्टिफिकेशन की दिक्कत दूर होगी। सैन्य और व्यावसायिक ड्रोन के सर्टिफिकेशन की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही आईआईटी में चल रहे रिसर्च और स्टार्टअप में विकसित ड्रोन के साथ दूसरे संस्थान या प्रदेशों में बन रहे ड्रोन की भी टेस्टिंग हो सकेगी।
विज्ञापन
प्रो. मणींद्र अग्रवाल और अवनीश अवस्थी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आईआईटी कानपुर में अब नेशनल ड्रोन हब बनाने की तैयारी की जा रही है। इससे ड्रोन सर्टिफिकेशन, टेस्टिंग, रिसर्च की सुविधा मिलेगी। ड्रोन पायलट भी प्रशिक्षित होंगे। यह जानकारी सोमवार को आईआईटी के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने संस्थान परिसर में हुई ड्रोन टेक हब वर्कशाप में दी।

विज्ञापन

तीन दिन चलने वाली वर्कशाप में ड्रोन हब की तैयारियों पर रणनीति बनाने के साथ इससे मिलने वाले लाभ पर चर्चा की जाएगी। आईआईटी के डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज विभाग में सोमवार को भारत सरकार, प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के अलावा डिफेंस एक्सपर्ट, डीआरडीओ समेत अन्य विशेषज्ञों ने बैठक करने के साथ फ्लाइंग क्लब का निरीक्षण भी किया।
हर सेक्टर में काम कर रहा है ड्रोन
इस दौरान प्रो. मणींद्र ने कहा कि किसी भी संस्थान में अभी तक ड्रोन हब नहीं बनाया गया है। पहली बार आईआईटी में इस तरह का हब बनाने पर चर्चा हुई है। इसी उद्देश्य के साथ ही वर्कशाप आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि ड्रोन हर सेक्टर में काम कर रहा है, लेकिन इसमें अभी सर्टिफिकेशन की कमी है। कई ड्रोन चीन से आ रहे हैं, तो कई में कंपोनेंट विदेश से मंगाए गए हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

ड्रोन की भी टेस्टिंग हो सकेगी
नेशनल हब बनने से सर्टिफिकेशन की दिक्कत दूर होगी। सैन्य और व्यावसायिक ड्रोन के सर्टिफिकेशन की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही आईआईटी में चल रहे रिसर्च और स्टार्टअप में विकसित ड्रोन के साथ दूसरे संस्थान या प्रदेशों में बन रहे ड्रोन की भी टेस्टिंग हो सकेगी। प्रो. मणींद्र ने कहा कि ड्रोन कितना सेफ है और कितना प्रभावी है, इसके लिए सर्टिफिकेशन बहुत जरूरी है। तीन दिन की वर्कशाप के नतीजों के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सब ठीक रहा तो 2025 तक इसकी शुरुआत होगी।

सेना को बल दे रहे आईआईटी के ड्रोन
निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि संस्थान में ड्रोन पर काफी काम किया जा रहा है। संस्थान के विकसित ड्रोन का प्रयोग डिफेंस के अलावा कृषि, आपदा, सर्विलांस में भी किया जा रहा है। उत्तराखंड त्रासदी और कोरोना के दौरान आईआईटी के ड्रोन ने काफी मदद की है।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को जल्द नेशनल ड्रोन हब बनाने की तैयारी: अवनीश अवस्थी
कार्यक्रम में शामिल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि आईआईटी कानपुर का ड्रोन क्षेत्र में सराहनीय कार्य है। ड्रोन सर्वे से लेकर एग्रीकल्चर, ट्रैफिक, डिफेंस, थानों की मॉनिटरिंग में काफी काम किया जा रहा है। सरकार ड्रोन टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनने के लिए पूरी मदद कर रही है। कानपुर में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को जल्द नेशनल ड्रोन हब बनाने की तैयारी है। इसको लेकर सरकार के प्रतिनिधि, डिफेंस और डीआरडीओ के विशेषज्ञ संस्थान में निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल के साथ मंथन कर रहे हैं।
विज्ञापन

वर्कशाप में इन पर होगा मंथन
  • ड्रोन प्रौद्योगिकी हब स्थापित करने के लिए आईआईटी कानपुर के ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र और क्षमताओं का प्रदर्शन।
  • ड्रोन डिजाइन, विकास, परीक्षण आधारित मानक निर्माण, परीक्षण और प्रमाणन के लिए सुविधाओं-प्रयोगशालाओं की आवश्यकता।
  • रक्षा और नागरिक ड्रोन प्रौद्योगिकी विकास और एकीकरण के लिए रूपरेखा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें