ड्रोन की भी टेस्टिंग हो सकेगी
नेशनल हब बनने से सर्टिफिकेशन की दिक्कत दूर होगी। सैन्य और व्यावसायिक ड्रोन के सर्टिफिकेशन की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही आईआईटी में चल रहे रिसर्च और स्टार्टअप में विकसित ड्रोन के साथ दूसरे संस्थान या प्रदेशों में बन रहे ड्रोन की भी टेस्टिंग हो सकेगी। प्रो. मणींद्र ने कहा कि ड्रोन कितना सेफ है और कितना प्रभावी है, इसके लिए सर्टिफिकेशन बहुत जरूरी है। तीन दिन की वर्कशाप के नतीजों के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सब ठीक रहा तो 2025 तक इसकी शुरुआत होगी।
सेना को बल दे रहे आईआईटी के ड्रोन
निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि संस्थान में ड्रोन पर काफी काम किया जा रहा है। संस्थान के विकसित ड्रोन का प्रयोग डिफेंस के अलावा कृषि, आपदा, सर्विलांस में भी किया जा रहा है। उत्तराखंड त्रासदी और कोरोना के दौरान आईआईटी के ड्रोन ने काफी मदद की है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को जल्द नेशनल ड्रोन हब बनाने की तैयारी: अवनीश अवस्थी
कार्यक्रम में शामिल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि आईआईटी कानपुर का ड्रोन क्षेत्र में सराहनीय कार्य है। ड्रोन सर्वे से लेकर एग्रीकल्चर, ट्रैफिक, डिफेंस, थानों की मॉनिटरिंग में काफी काम किया जा रहा है। सरकार ड्रोन टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनने के लिए पूरी मदद कर रही है। कानपुर में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को जल्द नेशनल ड्रोन हब बनाने की तैयारी है। इसको लेकर सरकार के प्रतिनिधि, डिफेंस और डीआरडीओ के विशेषज्ञ संस्थान में निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल के साथ मंथन कर रहे हैं।
वर्कशाप में इन पर होगा मंथन
- ड्रोन प्रौद्योगिकी हब स्थापित करने के लिए आईआईटी कानपुर के ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र और क्षमताओं का प्रदर्शन।
- ड्रोन डिजाइन, विकास, परीक्षण आधारित मानक निर्माण, परीक्षण और प्रमाणन के लिए सुविधाओं-प्रयोगशालाओं की आवश्यकता।
- रक्षा और नागरिक ड्रोन प्रौद्योगिकी विकास और एकीकरण के लिए रूपरेखा।