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PHOTOS: ‘कानपुर की बिटिया’ बनी Mrs India Australia 2018

Sun, 22 Apr 2018 09:17 AM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर

सार

- नैन्सी अरोड़ा का ऑस्ट्रेलिया में जलवा, रतनलाल नगर में गुजरा बचपन
- पूर्णचंद्र विद्या निकेतन में पढ़ीं, पीएसआईटी से पूरी की इंजीनियरिंग की पढ़ाई
- सिडनी के कॉमनवेल्थ बैंक में बतौर सीनियर एनालिस्ट कर रहीं हैं जॉब
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नैन्सी अरोड़ा का ऑस्ट्रेलिया में जलवा, रतनलाल नगर में गुजरा बचपन
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विस्तार
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‘कानपुर की बिटिया’ नैन्सी ने विदेश की सरजमीं पर भारत का नाम रोशन कर दिया है। रतनलाल नगर में जन्मीं नैन्सी अरोड़ा ने सिडनी ऑस्ट्रेलिया में ‘मिसेज इंडिया-ऑस्ट्रेलिया 2018’ का खिताब जीता है। उन्हें बॉलीवुड स्टार दीया मिर्जा ने ताज पहनाया। इस प्रतियोगिता के दौरान 30 प्रतियोगियों ने भाग लिया था, जिनमें केवल चार लोगों को सवाल-जवाब राउंड के चुना गया। उनमें से एक नैन्सी भी थीं। नैन्सी ने सवालों का बेबाक जवाब देकर विजेता का ताज हासिल कर लिया।  
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मिस इंडिया-ऑस्ट्रेलिया कॉर्पोरेशन और महाराजा हवेली की ओर से 14 अप्रैल को सिडनी के बॉमन हॉल ब्लैक टाउन में इस कॉन्टेस्ट का आयोजन किया गया था। पांच सौ से अधिक दर्शकों के बीच मंच पर विजेता का ताज पहनने के बाद नैन्सी की खुशी का ठिकाना नहीं था। मॉडलिंग में शिखर तक जाने का सपना नैन्सी ने बचपन में ही देख लिया था। सपना जब पूरा हुआ तो नैन्सी ने सबसे पहले अपने माता-पिता, पति और कानपुर शहर को इस सफलता का श्रेय दिया। कॉन्टेस्ट में सुजनीत कौर जोहाल (ऑस्ट्रेलिया में जन्मी) मिस इंडिया ऑस्ट्रेलिया 2018 बनीं वहीं आरिज जमाली (कनाडा में जन्मे) मिस्टर इंडिया-ऑस्ट्रेलिया 2018 घोषित किए गए थे। 
 

प्रोफाइल:  

बॉलीवुड स्टार दीया मिर्जा ने ताज पहनाया
नाम: नैन्सी अरोड़ा
जन्म: 16-11-1987 रतनलाल नगर
पिता: चरनजीत अरोड़ा (पीरोड में मेडिकल स्टोर)
मां: मीना अरोड़ा (गृहणी)
पति: अभिषेक अग्रवाल (ऑस्ट्रेलिया में जॉब करते हैं )
शिक्षा: बीटेक (पीएसआईटी)
उपलब्धि: ‘मिसेज इंडिया-ऑस्ट्रेलिया 2018’ विनर
 

ऑस्ट्रेलिया की एड फिल्मों में किया काम

नैन्सी पूर्णचंद्र विद्या निकेतन में पढ़ीं, पीएसआईटी से पूरी की इंजीनियरिंग की पढ़ाई
पूर्णचंद्र विद्या निकेतन स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद नैन्सी ने पीएसआईटी से बीटेक किया। उसके बाद पांच साल तक मुंबई में जॉब करती रहीं। गाजियाबाद के अभिषेक अग्रवाल से शादी के बाद 2015 में वह सिडनी में शिफ्ट हुईं। अभिषेक ईबे-ऑस्ट्रेलिया कंपनी में जॉब करते हैं वहीं नैन्सी कॉमनवेल्थ बैंक में सीनियर एनालिस्ट हैं। नैन्सी का कहना है कि उन्होंने पहली बार मॉडलिंग के क्षेत्र में मुंबई में जॉब के दौरान अपनी किस्मत आजमाई थी। लेकिन तब कोई बड़ा मौका नहीं मिला। शादी के बाद जब वह ऑस्ट्रेलिया पहुंचीं तो मॉडलिंग और फैशन को लेकर उनका उत्साह-जुनून कम नहीं हुआ। ऑनलाइन और टेलीफोनिक इंटरव्यू से पहली बार ऑस्ट्रेलिया की एक एड फिल्म में काम करने का मौका मिला। इसके बाद एक और फिल्म मिल गई। मिस्टर एंड मिस इंडिया ऑस्ट्रेलिया 2018 के बारे में दो महीने पहले पता चला। इंटरव्यू के बाद उनका सेलेक्शन इस कॉन्टेस्ट के लिए हो गया। नैन्सी को हाल ही में एक और एड फिल्म में काम करने का अवसर मिला है। ऑस्ट्रेलिया में नैन्सी भारतीय मूल के लोगों से संपर्क बनाने और उन्हें एकजुट करने का काम करती हैं। 
 

माता-पिता और सास-ससुर बेहद खुश

नैन्सी अरोड़ा के पिता चरनजीत अरोड़ा, मां मीना अरोड़ा दूसरी फोटो में सास सुषमा अग्रवाल व ससुर अशोक अग्रवाल
विदेश में अपने देश का नाम रोशन करने वाली नैन्सी की वजह से रतनलाल नगर निवासी उनकी मां मीना अरोड़ा और पिता चरनजीत अरोड़ा का सीना गर्व चौड़ा हो गया है। नैन्सी के ससुर अशोक अग्रवाल और सास सुषमा अग्रवाल ने बहू को अपनी बेटी बताया और उसके उज्जवल भविष्य के लिए बधाई दी। नैन्सी ने कहा कि परिवारवालों के प्यार और विश्वास की वजह से वह अपने सपनों को पूरा कर रही हैं।
 

कानपुर को बहुत मिस करती हूं

नैन्सी अरोड़ा
नैन्सी का कहना है कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया में रहकर कानपुर की बहुत याद आती है। एक साल पहले वह कानपुर आई थीं। उन्हें भेलपुरी और चाट खाने का बहुत शौक है। वह जब भी कानपुर आती हैं तो गोविंद नगर के मशहूर समोसे जरूर खाती हैं।  
 

फाइनल राउंड में नैन्सी से पूछा गया सवाल

नैन्सी अरोड़ा
मौजूदा समय में टेक्नोलॉजी आपसी बातचीत को कैसे प्रभावित कर रही है, लोग फोन पर बात करना पसंद नहीं करते, मिलने-जुलने से क्यों परहेज करने लगे हैं?

नैन्सी का जवाब- 'मैं टेक्नोलॉजी पर भरोसा करती हूं। जहां तक मेरा मानना है यह वरदान और अभिशाप दोनों का रोल अदा करती है। एक तरफ इसने लोगों को कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया है तो दूसरी ओर यह लोगों को अपना आदी बना रही है। लेकिन मेरा मानना है कि इसने लोगों को और अधिक आत्मविश्वास दिया है। टेक्नोलॉजी से आप करोड़ों लोगों तक आसानी से पहुंच सकते हैं और समाज की मदद करते हैं।'
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नैन्सी अरोड़ा
नैन्सी ‘ई-विद्या लोका’ संस्था की सदस्य हैं। स्काइप (टेलीकम्युनिकेशन एप्लीकेशन) के माध्यम से वह विदेश में रहकर भारत के बच्चों को पढ़ाती भी हैं। 
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