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इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में चित्रकूट के आयुष्मान का नाम, महज दो मिनट में 1.5 सेमी के गणेश भगवान की बनाई मूर्ति

Sun, 13 Dec 2020 10:43 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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आयुष्मान - फोटो : अमर उजाला
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पूत के पांव पालने में ही दिखने लगते हैं, यह कहावत चित्रकूट के आयुष्मान पर सही बैठती है। आयुष्मान ने 14 साल की उम्र में ही देश भर में मूर्ति कला के क्षेत्र में अपने नाम का झंडा गाड़ दिया है। उसने दो मिनट में डेढ़ सेंटीमीटर की मिट्टी की गणेशजी की मूर्ति बनाने का कारनामा किया है।
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इसके चलते आयुष्मान का इंडिया बुक्स ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया गया है। शहर के पुरानी बाजार निवासी दयाराम रिछारिया का पुत्र आयुष्मान 9वीं का छात्र है। 10 साल की उम्र से ही उसे मिट्टी की मूर्तियां बनाने में रुचि है।

वह अक्सर घर के गमलों व गुलदस्तों की मिट्टी को निकालकर उससे मूर्ति बनाने का प्रयोग करता तो उसे माता पिता डांट देते थे। मूर्ति कला के प्रति उसके बढ़ते प्रेम को देखते हुए मां माधुरी देवी उसे मिट्टी के बर्तन बनाने वालों के पास ले गई।
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वहां आयुष्मान ने घर वालों को मूर्तियां बनाकर दिखाईं। इस पर परिजन उसे घर में ही मिट्टी लाकर देने लगे और आयुष्मान पढ़ाई के साथ-साथ मूर्ति बनाने का भी प्रयास करता रहा। लॉकडाउन के दौरान उसने अपनी कला को और निखारा।
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प्रधानमंत्री के संदेश घर पर ही रहेें और जागरूक रहें को आत्मसात कर उसने रिकॉर्ड बनाने की योजना बनाई। आयुष्मान ने बताया कि उसने नवरात्र में देवीजी की मूर्ति बनाई, लेकिन सही नहीं बनी। कुछ माह बाद उसने गणेश जी की मूर्ति बनाई तो वह सफल हो गया।

बताया कि दोस्तों के साथ वेबसाइट से इससे जुड़ी जानकारी ली। अचानक इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मिली, तो वहां आवेदन कर दिया। सात अक्तूबर की रात को वेबसाइट वालों को आनलाइन गणेश जी की डेढ़ सेमी की मूर्ति बनाकर दिखाई।

दो नवंबर को सूचना आई कि उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। इससे घर वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दीपावली के बाद इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड परिवार की ओर से मेडल, प्रमाणपत्र, परिचय पत्र व एक ईयर बुक आयुष्मान के घर में पहुंची।

आयुष्मान ने बताया कि वह जल्द ही गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी अपना नाम दर्ज कराने का प्रयास करेगा। अभी फिलहाल वह आंख में पट्टी बांधकर छोटी व बड़ी मूर्ति बनाने का काम कर रहा है।
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