मैच के दौरान खाने-पीने का सामान बेच रहे वेंडरों ने हैसियत देखकर दर्शकों से मनमाने दाम वसूले। 20 रुपये की पानी की बोतल 50 रुपये में और 25 रुपये वाली आइसक्रीम 55 रुपये में बेची।
जिला प्रशासन ने दावा किया था कि खाने-पीने की चीजों के दाम तय कर दिए गए हैं। इतने ऊंचे दामों पर चीजें बिकने के बाद भी कोई देखने सुनने वाला नहीं था। इसके अलावा छोटे पैक के बजाय बड़े पैक वाले चिप्स आदि बेचे गए।
खानपान के लिए पूरे स्टेडियम में 68 स्टाल लगाए गए थे। डायरेक्टर पवेलियन के अंदर 6 स्टाल थे। इसमें एक लीटर पानी की बोतल 50 रुपये में बेची गई। वीआईपी पवेलियन के अंदर 7 स्टाल लगाए गए थे।
यहां पर पानी की बोतल 60 रुपये में और सैंडविच 50 रुपये में बेचा गया। इसी तरह एंट्री गेट सात और आठ के भीतर लगे स्टालों पर दो रुपये वाला पानी का पाउच 10 रुपये में, 8 रुपये वाला समोसा 20 रुपये में, कोल्ड ड्रिंक 30 के बजाय 50 रुपये में, 60 रुपये वाला चिप्स का पैकेट 65 रुपये में बेचा गया।
इसके अलावा एक ब्रेड पकौड़ा 30 रुपये में, पॉप कार्न 35 में और चार पूडी-सब्जी और सलाद का लंच पैकेट 100 रुपये में बेचा गया। डीएम कौशल राज शर्मा का कहा कि चीजों के दाम ज्यादा वसूले जाने की सूचना मिली है। इसकी रिपोर्ट जोनल मजिस्ट्रेट से मांगी गई है। ज्यादा दाम वसूलने वाले वेंडरों को काली सूची में डाला जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसा न हो।
निर्देश सुनते ही लाइन में खड़े-खड़े खाया खाना
जैसे ही अनाउंस हुआ कि कोई भी दर्शक खाने-पीने की चीज अंदर लेकर नहीं आएगा। गेट पर तैनात पुलिस वाले खाने-पीने की चीजें बैरिकेडिंग के पास रखवाने लगे। लाइन में पीछे लगे कई दर्शक साथ लाए पराठा, पूड़ी, रोटी, सब्जी खाने लगे। कुछ खाते-खाते गेट तक पहुंच गए। जितना बचा वहीं छोड़कर अंदर चले गए।
बिजली ने खलल डाला
शहर में बड़ा मैच होने के बावजूद बिजली जाने से लोगों में गुस्सा रहा। कटौती के कारण शहरी टॉस नहीं देख सके। नौबस्ता के बसंत विहार फीडर के पोल में ट्रक ने टक्कर मार दी।
इससे बसंत विहार, राजीव विहार, राजीव विहार, हमीरपुर रोड और मछरिया की बिजली आपूर्ति सुबह 10:40 से दोपहर दो बजे तक बंद रही। हेरिसगंज के रेलबाजार की बिजली आपूर्ति लाइन खराबी से शनिवार रात 2:45 से रविवार सुबह 5:50 बजे तक बंद रही। इसी लाइन का एक ट्रांसफार्मर 12:50 बजे शुरू हो सका।
घंटों खड़े रहने के बाद नि:शक्तजों को मिली एंट्री
कानपुर। सैकड़ों नि:शक्त क्रिकेट प्रेमियों को बैसाखी के सहारे एक किलोमीटर तक पैदल चलकर स्टेडियम तक पहुंचना पड़ा। उनके प्रवेश के लिए कोई अलग से इंतजाम नहीं था। मैच देखने आए सभी नि:शक्तजनों को एंट्री से लेकर बाहर निकलने तक संघर्ष करना पड़ा।
सुरक्षा के चलते परेड, लाल इमली चौराहा सहित स्टेडियम की तरफ जाने वाले सभी रास्तों पर लगभग एक किलोमीटर पहले ही बैरीकेडिंग लगाकर नाकाबंदी कर दी गई थी। इससे कोई भी वाहन सवार प्रवेश नहीं कर पाया।
पैर से असहाय अशोक नगर निवासी आशीष, नौबस्ता निवासी विवेक, राहुल चौबे सहित दर्जनों क्रिकेट प्रेमी नि:शक्तजों को कड़ी मशक्कत करके पैदल या फिर परिजनों का सहारा लेकर स्टेडियम तक पहुंचना पड़ा।
सभी एंट्री गेटों पर लंबी लाइनों में संघर्ष करना पड़ा। कई नि:शक्तजन तो संघर्ष करते हुए लाइन में लग गए तो कई एंट्री गेट के पास बैठ गए। भीड़ खत्म होने पर पुलिस वालों ने उन्हें प्रवेश दिया। इसी तरह मैच खत्म होने के बाद भी भीड़ में जूझते हुए अपने वाहन तक पहुंचे।