हत्यारोपी पिता और बेटी की फाइल फोटो
पांच दिन पहले बेटी की गला घोंटकर हत्या के आरोप में जेल में बंद पिता अब गुमसुम सा रहने लगा है। उसको बेटी की हत्या का पछतावा है। अवसाद में न आए इसके लिए हत्यारोपी पिता की रोजाना काउंसलिंग की जा रही है। बंदी की जेलर खुद विशेष निगरानी कर रहे हैं।
हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थानाक्षेत्र के धुंधपुर गांव के कलुवा डेरा निवासी रामप्रसाद निषाद की पुत्री चांदनी गैर बिरादरी के युवक से शादी की जिद कर रही थी। समझाने पर जब चांदनी नहीं मानी तो शुक्रवार की रात करीब 12 बजे पिता ने पुत्री का गला घोंटकर हत्या कर दी थी। साथ ही सुबह थाने जाकर अपना जुर्म कबूल लिया था। रविवार को पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया।
जहां न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। जेलर उदयप्रकाश ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान बंदी के मन की बात जानने की कोशिश की गई। बंदी ने बताया कि बेटी को बहुत समझाया पर वह नहीं मानी। अपनी जिद अड़ी रही कि वह उसी युवक से शादी करेगी जिससे वह प्यार करती है। पुत्री की हत्या करने का अब उसे मलाल भी है। जेलर ने बताया कि बंदी को नौ नंबर बैरक में रखा गया है। इस बैरक में करीब 40 बंदी निरुद्ध हैं। जेलर ने बताया कि ऐसे मामलों में अधिकांश लोग आत्महत्या करने जैसे गलत कदम उठा लेते हैं। इसके लिए वह ऐसे बंदियों की खुद निगरानी करते हैं। बताया कि रामप्रसाद जेल में गुमसुम रहता है। वह कहीं डिप्रेशन में न आ जाए इसके लिए कई बार बैरक जाते हैं।
‘बेटी प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी थी गला दबाकर मार डाला’