दो लाख रुपये में दी थी हत्या की सुपारी
अगले दिन दूसरी तहरीर देकर हीरामन का पुरवा निवासी मो. समी उर्फ पापे के भी हत्या में शामिल होने की बात कही थी। पुलिस ने तफसीर और नसीर को गिरफ्तार किया तो उन्होंने बताया कि सरफराज के रिश्तेदार हीरामन का पुरवा निवासी नूर आलम उर्फ मुंडन उर्फ मुन्ना ने दो लाख रुपये में सरफराज की हत्या की सुपारी दी थी।
12 गवाह कोर्ट में पेश किए गए
हत्या में इस्तेमाल तमंचों को उन्होंने फूलवाली गली निवासी नईम के कारखाने में छिपाया था और वहीं खुद भी छिप गए थे। इस पर पुलिस ने तफसीर, नसीर, मो. समी, नूर आलम व मो. नईम के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी थी। एडीजीसी प्रदीप कुमार साहू ने बताया कि अभियोजन की ओर से मृतक के भाई फैयाज समेत 12 गवाह कोर्ट में पेश किए गए।
रंजिश में सरफराज की हत्या की गई थी
फैयाज ने बताया था कि नसीर सरफराज से रुपये मांगता था। इस पर सरफराज ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करार्ई थी। नसीर व उसके भाई को जेल जाना पड़ा था। इसी रंजिश में नसीर ने साथियों के साथ मिलकर सरफराज की हत्या कर दी।
मो. समी व नूर आलम को सबूतों के अभाव में किया बरी
मुकदमे में आरोपी मो. नईम के हाजिर न होने पर अगस्त 2023 में उसकी फाइल अलग कर दी गई थी। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तफसीर और नसीर को हत्या व आर्म्स एक्ट का दोषी मानकर सजा सुनाई। मो. समी व नूर आलम को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।