कानपुर देहात। दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के मामले में एडीजे प्रथम की अदालत ने आरोपी पति को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जबकि साक्ष्यों के अभाव मेें सास को बरी कर दिया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय ने बताया कि घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के अकबरपुर झबिया निवासी विजय पाल ने छह मार्च 2015 को रिपोर्ट लिखाई कि उसने पुत्री शिल्पी की शादी वर्ष 2010 में घाटमपुर क्षेत्र के सोडारी गांव निवासी लवलेश के साथ की थी। शादी में सामर्थ्य अनुसार दहेज भी दिया था। इसके बावजूद पति व सास सुधा संतुष्ट नहीं थे और अतिरिक्त दहेज में बाइक, चेन व अंगूठी की मांग कर प्रताड़ित करने लगे।
उन्होंने बताया कि पांच मार्च 2015 को सूचना मिली कि पुत्री शिल्पी को मार दिया है। इसपर वह मौके पर पहुंचा। मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम राम मिलन सिंह की अदालत मेें चल रही थी। एडीजीसी ने बताया कि सुनवाई के दौरान मायके वालों ने गवाही दी। जिसके आधार पर अदालत ने सास सुधा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। जबकि पति लवलेश को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।