कानपुर। नगर निगम के टेंडरों में भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने के बाद अब चर्चित कर्मियों, अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिरने लगी है। बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने अपने रिश्तेदारों व नजदीकियों के नाम पर फर्म बनाकर करोड़ों की ठेकेदारी करने वाले लिपिक संजय कटियार समेत तीन कर्मियों का तबादला कर दिया। ये कर्मचारी लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात थे और नगर निगम में इनके प्रभाव की चर्चा भी है।
नगर आयुक्त ने वर्षों से एक ही जगह डटे दो बाबुओं का जोनल कार्यालय तो एक सहायक अभियंता को दूसरे जोन भेजा है। लगातार आ रहीं शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है। नगर आयुक्त कार्यालय में 2016 से डटे क्लर्क संजय कटियार का तबादला जोनल कार्यालय, जोन- 6 में किया गया है। संजय अभी तक इंजीनियर कार्यालय-4 में तैनात थे और नगर आयुक्त कार्यालय से संबद्ध थे। स्वास्थ्य विभाग में नौकरी शुरू करने वाले क्लर्क रफजुल रहमान को जोनल कार्यालय, जोन-2 भेजा गया है। रहमान से वर्कशाॅप कार्यालय का दायित्य छीन लिया गया है।
जोनल अभियंता कार्यालय, जोन- 2 के सहायक अभियंता दिनेश प्रसाद को जोनल अभियंता कार्यालय, जोन- 5 भेजा गया है। माना जा रहा है कि पारदर्शिता लाने और ठेकेदारों का सिंडिकेट तोड़ने के लिए अभी और भी कार्रवाई होंगी। तबादलों को लेकर नगर निगम में दिनभर चर्चा रही। नगर निगम में केवल ठेकेदारों का ही प्रभाव नहीं है बल्कि कुछ बाबू, इंजीनियर और अधिकारियों स्तर पर भी ठेका कंपनियों से संबंधों की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ कर्मियों और अधिकारियों के रिश्तेदारों के नाम पर फर्में बनाकर नगर निगम यये ठेके लिए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि संजय कटियार का जितनी बार दूसरे विभाग में तबादला हुआ, वह जुगाड़ लगाकर वापस मुख्यालय आ गया जिससे टेंडर मैनेज कर सके।