नगर निगम सदन मंगलवार को अखाड़ा बन गया। कार्रवाई शुरू होने के कुछ देर बाद ही सपा विधायक चोर है का नारा लगाने पर भाजपा-सपा पार्षदों में धक्कामुक्की हो गई। महापौर के समझाने पर भी हंगामा जारी रहा। इस पर महापौर उठकर चली गईं। सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन में भाजपा पार्षद विकास जायसवाल ने कहा कि उनके क्षेत्र में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने नगर निगम के कराए कार्यों को तुड़वा दिया। श्रेय लेने के लिए अब वह विधायक निधि से कार्य करा रहे हैं। सपा पार्षद रजत बाजपेई ने इसका विरोध किया तो बहस शुरू हो गई। इस बीच सपा विधायक के खिलाफ भाजपा पार्षद नारेबाजी करने लगे। सपा पार्षदों ने भी भ्रष्टाचारी भाजपा के नारे लगाए। हंगामे के बीच दोनों पक्ष एक-दूसरे से भिड़ गए। दोनों ओर से धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई। इसमें सपा पार्षद लियाकत अली की बेंच पर लगे माइक का तार टूट गया। महापौर शांति बनाए रखने की बात कहती रहीं पर पार्षद नहीं माने। इस पर महापौर सदन से बाहर चली गईं। विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद अन्य पार्षदों ने बीच बचाव किया। करीब पांच मिनट बाद महापौर सदन में वापस आईं और बोलीं- अब हंगामा किया तो एक मिनट में सदन से बाहर कर दूंगी।
भाजपा पार्षद सदन से छह माह के लिए निष्कासित
सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा पार्षद हरी स्वरूप तिवारी बिना अनुमति अपने क्षेत्र की समस्या पर बोलने लगे। इस पर महापौर का पारा चढ़ गया। कहा कि इस पार्षद को सदन से बाहर कर दो। पार्षद के विरोध करने पर महापौर ने कहा-तुम्हारी सदस्यता खा जाऊंगी। पार्षद उठकर सदन से बाहर चले गए। बाद में उन्होंने पार्षद को छह महीने के लिए सदन से निष्कासित कर दिया। भाजपा पार्षद ने कहा कि मेरे क्षेत्र वार्ड-38 में गंदगी भरी पड़ी है। मंदिर परिसर में सीवर भराव हो रहा है। नगर आयुक्त व महापौर से शिकायत के बाद भी कोई कार्य नहीं हुआ। इस पर सदन में मुद्दा उठाया लेकिन महापौर ने सदन से बाहर कर दिया। मैं जिस वार्ड से जीता हूं, वहां भाजपा 45 साल बाद जीती है। मैं बेहद दुखी हूं।