पंचनामे के लिए जनपद से कोई नहीं आया आगे
भले ही मुख्तार को दफनाए जाने के वक्त हजारों की भीड़ थी, लेकिन जब उसे मौत के बाद पंचनामे के लिए पांच लोगों की जरुरत पड़ी तो उसका कोई मददगार नहीं था। अंसारी के पंचनामे को उसके बेटे उमर, भतीजे, अधिवक्ता ने हस्ताक्षर करे। पोस्टमार्टम हाउस में सदर तहसीलदार राधेश्याम सिंह और एसआई दान बहादुर पाल ने भरवाया था।उमर अंसारी ने पंचनामे में हस्ताक्षर करते हुए एक टिप्पणी भी दर्ज कर दी जिसमें उसने लिखा था कि यह स्वाभाविक मृत्यु नहीं है।